रायपुर में 9वीं-11वीं परीक्षा तिथि पर बवाल: NSUI का DEO कार्यालय घेराव, एक सप्ताह अतिरिक्त समय की मांग

रायपुर। कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षा का टाइम टेबल अचानक जारी किए जाने के विरोध में एनएसयूआई (NSUI) ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय रायपुर का घेराव किया। संगठन ने परीक्षा तिथियों में संशोधन की मांग करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को पर्याप्त तैयारी का समय दिया जाना चाहिए।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 23 फरवरी को परीक्षा कार्यक्रम जारी करते हुए संबंधित स्कूलों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों को निर्धारित तिथियों के अनुसार तैयारी सुनिश्चित करने तथा परीक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए अपने विद्यालय से संपर्क में रहने की सलाह दी गई है। जारी समय-सारणी के अनुसार 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं 27 फरवरी से प्रारंभ होंगी। अचानक परीक्षा कार्यक्रम घोषित होने से छात्र असमंजस में हैं और तैयारी को लेकर चिंता जता रहे हैं।
जल्दबाजी में तिथि तय करने का आरोप
घेराव का नेतृत्व कर रहे अनुज शुक्ला और हेमंत पाल ने आरोप लगाया कि पीएम श्री विद्यालयों की जांच के लिए दिल्ली से संभावित टीम दौरे को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जल्दबाजी में परीक्षा तिथि तय की गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की हड़बड़ी विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
नेताओं ने यह भी कहा कि वर्तमान में बोर्ड परीक्षाएं संचालित हो रही हैं और अनेक विद्यालयों के शिक्षक बोर्ड ड्यूटी में संलग्न हैं। ऐसे में विद्यालयों का शैक्षणिक वातावरण बोर्ड परीक्षा व्यवस्था में व्यस्त है। इस परिस्थिति में 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं आयोजित करना विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए असुविधाजनक एवं अव्यवस्थित स्थिति पैदा करेगा।
होली त्योहार का भी हवाला
एनएसयूआई नेताओं के अनुसार 3 मार्च से होली का महत्वपूर्ण त्योहार प्रारंभ हो रहा है। कई विद्यार्थी पारिवारिक कारणों से शहर से बाहर गए हुए हैं। ऐसे में अचानक परीक्षा तिथि घोषित करना छात्रों के लिए असुविधाजनक है। संगठन ने मांग की है कि कम से कम एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाए, ताकि विद्यार्थी व्यवस्थित रूप से तैयारी कर सकें।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर शिक्षा विभाग के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया और चेतावनी दी कि यदि परीक्षा तिथि में संशोधन नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।


