महाशिवरात्रि की अलौकिक बेला में 2:30 बजे खुला महाकाल दरबार: भस्म से विभूषित बाबा, श्रद्धालुओं का जनसैलाब, 44 घंटे तक होंगे दर्शन

विशेष संवाददाता छमू गुरु की रिपोर्ट:
उज्जैन (शिखर दर्शन) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रविवार मध्य रात्रि 2:30 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। अल सुबह हुई भव्य भस्म आरती में भगवान महाकाल दिव्य और अलौकिक श्रृंगार में विराजमान हुए। मंदिर परिसर जय जय श्री महाकाल, हर हर महादेव, हर हर शंभू और ॐ नमः शिवाय के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित समस्त देवी-देवताओं का विधिवत पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से अभिषेक संपन्न हुआ। भगवान के मस्तक पर त्रिशूल, चंद्र और बेलपत्र अर्पित कर विशेष श्रृंगार किया गया।
भस्म आरती में अद्भुत आध्यात्मिक छटा
भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया। मंत्रोच्चार के बीच कपूर आरती उतारी गई और ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की मालाएं और सुगंधित पुष्प अर्पित कर भगवान का भव्य अलंकरण किया गया।

सुबह सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भस्म आरती के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। भक्तों ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर आशीर्वाद मांगा। पूरा मंदिर श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा।
44 घंटे खुला रहेगा दरबार, रातभर होगी चार प्रहर पूजा
महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल का दरबार लगातार 44 घंटे तक खुला रहेगा। दिनभर जलाभिषेक का क्रम जारी रहेगा और रात्रि में चार प्रहर की विशेष पूजा होगी। अभिषेक-पूजन के बाद सप्तधान्य अर्पित किए जाएंगे। इस विशेष व्यवस्था के कारण मंदिर के पट बंद नहीं होंगे और श्रद्धालुओं को निरंतर दर्शन का लाभ मिलेगा।
विशेष उल्लेखनीय है कि प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती सोमवार को प्रातः नहीं, बल्कि दोपहर 12 बजे संपन्न होगी। इसके पश्चात रात्रि शयन आरती के बाद लगभग 10:45 बजे मंदिर के पट बंद किए जाएंगे।
10 लाख श्रद्धालुओं की संभावना, विशेष दर्शन व्यवस्था
महाकाल मंदिर समिति के अनुसार महाशिवरात्रि पर लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। दर्शन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए आठ कतारों से प्रवेश कराया जा रहा है। सामान्य श्रद्धालुओं को लगभग 40 मिनट में दर्शन हो सकेंगे, जबकि 250 रुपये के शीघ्र दर्शन पासधारी भक्त मात्र 25 मिनट में भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे।
महाशिवरात्रि के इस महापर्व पर उज्जैन नगरी पूरी तरह शिवमय हो उठी है और बाबा महाकाल अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसा रहे हैं।



