कल हो सकता है तारिक रहमान का शपथ ग्रहण, BNP की ऐतिहासिक जीत पर ममता और खरगे की शुभकामनाएं; नतीजों से जमात-ए-इस्लामी नाराज़

बांग्लादेश में BNP की प्रचंड जीत, तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय; भारत से मिली बधाइयों का सिलसिला
ढाका ( एजेंसी ) // बांग्लादेश के आम चुनाव में बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) ने प्रचंड बहुमत हासिल कर सत्ता में वापसी का रास्ता साफ कर लिया है। पार्टी अध्यक्ष तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। उनके सलाहकार सैयद मोअज़्ज़म हुसैन अलाला ने दावा किया कि बीएनपी को पूर्ण बहुमत मिला है और शपथ ग्रहण समारोह संभवतः 14 फरवरी को आयोजित किया जा सकता है।
चुनाव में जमात-ए-इस्लामी को भी उल्लेखनीय संख्या में सीटें मिली हैं, हालांकि वह सत्ता से दूर है।
भारत से बधाइयों की झड़ी
बीएनपी की जीत पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत जनता के भरोसे और लोकतांत्रिक समर्थन का प्रतीक है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बीएनपी और तारिक रहमान को संसदीय चुनाव में विजय की शुभकामनाएं दीं।
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्लादेश की जनता को बधाई देते हुए रमजान की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने भारत-बांग्लादेश संबंधों के और अधिक सौहार्दपूर्ण होने की कामना की।
मौलाना ममूनल हक को करारी हार
भारत विरोधी बयानबाजी के लिए चर्चित मौलाना ममूनल हक को ढाका-13 सीट से हार का सामना करना पड़ा। वे बांग्लादेश खिलाफत मजलिस के उम्मीदवार थे। इस सीट पर बीएनपी के बॉबी हजाज ने जीत दर्ज की।
भारत के लिए क्या संकेत?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बीएनपी की जीत भारत के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। माना जाता है कि बीएनपी भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को संतुलित और व्यावहारिक ढंग से आगे बढ़ा सकती है। दूसरी ओर, जमात-ए-इस्लामी को ऐतिहासिक रूप से पाकिस्तान समर्थक रुख के लिए जाना जाता रहा है।
जमात-ए-इस्लामी ने जताई नाराजगी
चुनाव परिणामों पर जमात-ए-इस्लामी ने असंतोष जताया है। पार्टी ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर बयान जारी कर कहा कि शांतिपूर्ण माहौल में मतदान हुआ, लेकिन परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया से वह संतुष्ट नहीं है। हालांकि, पार्टी ने मतदाताओं का आभार भी व्यक्त किया।
59.44% मतदान, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में 59.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग ने मतगणना पूरी होने के बाद अंतिम आंकड़े जारी किए।
चुनाव के बाद राजधानी ढाका समेत प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मुख्य चौराहों पर पुलिस बल तैनात है और लगातार गश्त की जा रही है। शुक्रवार (13 फरवरी) को शहर के कई हिस्सों में भारी पुलिस बल की मौजूदगी देखी गई।
बांग्लादेश की राजनीति में इस बड़े बदलाव के बाद अब सभी की निगाहें नई सरकार के गठन और उसकी नीतिगत प्राथमिकताओं पर टिकी हैं। भारत समेत दक्षिण एशिया के अन्य देशों के साथ संबंधों की दिशा भी आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी।




