सीमांकन घोटाला: 8 साल बाद बड़ी कार्रवाई, कूट रचना मामले में 3 राजस्व अधिकारी गिरफ्तार

कोरबा-बांकीमोंगरा ( शिखर दर्शन ) // बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित भूमि सीमांकन घोटाले में पुलिस ने आठ वर्षों बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग के तीन जिम्मेदार अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारियों को कटघोरा न्यायालय में पेश किया गया, जहां जमानत नहीं मिलने पर उन्हें उपजेल कटघोरा भेज दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
मामला बांकी चौक मुख्य मार्ग पर स्थित रामकरण अग्रवाल की भूमि से जुड़ा है, जिस पर दिनेश अग्रवाल सहित 13 अन्य व्यापारियों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का आरोप है। पीड़ित रामकरण अग्रवाल ने कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देकर जिला स्तरीय टीम से भूमि का नाप-सीमांकन कराने की मांग की थी।
कलेक्टर के निर्देश पर 3 मार्च 2016 को भू-अभिलेख अधीक्षक जे.पी. सिंह सहित राजस्व विभाग की टीम बांकीमोंगरा पहुंची। पीड़ित, कब्जेदारों और क्षेत्रवासियों की मौजूदगी में भूमि का विधिवत सीमांकन किया गया। सीमांकन प्रतिवेदन में अवैध कब्जेदारों के नाम और कब्जे का रकबा स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया तथा सभी पक्षकारों के हस्ताक्षर भी लिए गए।
आरोप है कि सीमांकन के बाद प्रभावशाली कब्जेदारों से सांठगांठ कर सीमांकन प्रतिवेदन में हेरफेर की गई और अवैध कब्जे का दर्ज रकबा शून्य कर दिया गया। पीड़ित द्वारा नकल शाखा से प्राप्त प्रतिवेदन की प्रति मौके पर तैयार प्रतिवेदन से भिन्न पाई गई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों से लिखित शिकायत की।
जांच में कूट रचना की पुष्टि होने पर वर्ष 2018 में बांकीमोंगरा थाना में आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। उस समय भू-अभिलेख अधीक्षक जे.पी. सिंह की गिरफ्तारी हुई, लेकिन अन्य आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
लगातार आठ वर्षों तक गिरफ्तारी नहीं होने से निराश पीड़ित ने अधिवक्ता के माध्यम से उच्च न्यायालय बिलासपुर में रिट याचिका दायर की। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद पुलिस ने अब जाकर राजस्व विभाग के तीन अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया है।
इस प्रकरण में अभी भी कुछ आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि बांकीमोंगरा पुलिस शेष आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक करेगी। फिलहाल इस कार्रवाई ने राजस्व विभाग में गहरी हलचल पैदा कर दी है।



