देश की आर्थिक तस्वीर का खुलासा आज: मोदी सरकार पेश करेगी वित्तीय रिपोर्ट, आम जनता को मिलेगा हर पैसे का पूरा हिसाब

नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // देश की आर्थिक स्थिति का आईना कहे जाने वाला इकोनॉमिक सर्वे 2026 आज पेश किया जाएगा। बजट सत्र-2026 के दूसरे दिन, 29 जनवरी को मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन इसे संसद में प्रस्तुत करेंगे। मोदी सरकार इस रिपोर्ट के माध्यम से पिछले साल की कमाई, खर्च और विकास की रफ्तार का पूरा हिसाब आम जनता के सामने रखेगी।
इस सर्वे में महंगाई का थाली पर असर, खेती-किसानी की स्थिति, रोजगार के अवसर और उद्योगों की प्रगति जैसी अहम जानकारियां शामिल होंगी। इसे अक्सर अर्थव्यवस्था का आईना कहा जाता है क्योंकि यह स्पष्ट करती है कि देश की अर्थव्यवस्था किस दिशा में आगे बढ़ रही है और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।
इकोनॉमिक सर्वे दो हिस्सों में तैयार किया जाता है — पहला हिस्से में पूरी अर्थव्यवस्था की तस्वीर, और दूसरे में विशिष्ट मुद्दों पर फोकस। आम नागरिक के नजरिए से यह खेती, उद्योग और नौकरियों की वर्तमान स्थिति पर गहराई से प्रकाश डालता है।

सर्वे का कार्य वित्त मंत्रालय के इकोनॉमिक अफेयर्स डिपार्टमेंट के इकोनॉमिक डिवीजन द्वारा किया जाता है। इसके प्रमुख चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर (CEA) होते हैं, और फिलहाल यह जिम्मेदारी डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन के पास है।
इतिहास देखें तो पहला इकोनॉमिक सर्वे साल 1950-51 में पेश किया गया था। 1964 के बाद इसे बजट से अलग कर संसद में पहले पेश किया जाने लगा ताकि सांसद और जनता देश की सही आर्थिक स्थिति समझ सकें। अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसे आसानी से पढ़ा और डाउनलोड किया जा सकता है। संसद में पेश होते ही इसकी पूरी कॉपी indiabudget.gov.in पर पीडीएफ फॉर्मेट में उपलब्ध होगी। साथ ही संसद टीवी और दूरदर्शन के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव अपडेट भी देखे जा सकते हैं।
इस सर्वे के जरिए सरकार न केवल देश की वित्तीय स्थिति का ब्योरा देगी, बल्कि आगामी बजट और आर्थिक नीतियों की दिशा का भी संकेत देगी।



