7 जनवरी महाकाल भस्म आरती दर्शन : श्री महाकाल का हुआ सूर्य रूपी दिव्य श्रृंगार !

उज्जैन //( शिखर दर्शन)// मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री महाकाल के मंदिर के कपाट सुबह ब्रह्ममुहूर्त पर खोले गए । श्री महाकाल का सबसे पहले जल अभिषेक पवित्र गंगा जल से किया गया । दूध दही घी फलों का रस के पंचामृत से भगवान महाकाल का अभिषेक कर पूजन अर्चना की गई

श्री महाकाल को भस्म चढ़ाई गई , इसके बाद श्री महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया , जिसमें की चंदन एवम् पंचमेवा से बाबा का अद्भुत श्रंगार करते हुए सूर्य रूपी दिव्य श्रृंगार किया गया। अवंतिका नगरी के राजा महाकाल ने शेषनाग का रजत मुकुट धारण किया , रजत की मुंडो की माला , रुद्राक्ष की माला के साथ सुगंधित पुष्पों की माला धारण किया , बाबा को भोग स्वरूप विभिन्न प्रकार के फल और व्यंजनों व मिष्ठान से भोग लगाया गया।
सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही श्री महाकाल के दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी सभी ने बाबा की भस्म आरती और दिव्य श्रृंगार सहित अद्भुत रूप का दर्शन कर पूर्ण प्रताप प्राप्त किया । भक्तों ने बाबा के अत्यधिक करीब माने जाने वाले नंदी महाराज के कानों में जाकर अपनी मनोकामनाएं कहीं , और अपनी बात बाबा महाकाल तक पहुंचाने की विनती की । इस दौरान श्रद्धालु गण श्री महाकाल के जयकारे का नारा लगा रहे थे । पूरा मंदिर “हर हर महादेव ” , “जय जय श्री महाकाल ” , ” ॐ नमः शिवाय ” , ” हर हर शंभू ” के नारे से गुजाय मान हो रहा था ।




