गणतंत्र दिवस 2026: संविधान से लेकर समग्र विकास तक, छत्तीसगढ़ ने 25 वर्षों में गढ़ा नई पहचान – सीएम साय का संदेश

बिलासपुर (शिखर दर्शन) // 77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए राज्य के समग्र विकास, सामाजिक-आर्थिक उपलब्धियों, सांस्कृतिक धरोहर और नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में किए गए प्रयासों का विस्तृत परिचय दिया।
सीएम साय ने नागरिकों में राष्ट्रप्रेम और संविधान के महत्व पर जोर दिया
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन न केवल राष्ट्रीय पर्व है, बल्कि उन महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का दिन भी है जिन्होंने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा गणतंत्र बनाने में योगदान दिया। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और बाबा गुरु घासीदास के संदेशों का स्मरण कर हर नागरिक में राष्ट्र निर्माण के संकल्प की आवश्यकता पर जोर दिया।

सीएम ने कहा, “भारतीय गणतंत्र ने ऐसा खुला समाज बनाया है, जिसमें हर नागरिक संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भाग ले सकता है।” उन्होंने राज्य स्थापना की रजत जयंती, वन्दे मातरम् की 150वीं जयंती और डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी एवं भगवान बिरसा मुंडा की जयंती का स्मरण करते हुए जनजातीय गौरव और वीर नायकों के योगदान को भी उजागर किया।
विकास, किसान और ग्रामीण कल्याण पर व्यापक चर्चा
मुख्यमंत्री साय ने किसानों की स्थिति सुधार, धान खरीदी, अन्नदाता को सर्वोत्तम मूल्य, अटल सिंचाई योजना, पीएम आवास योजना और ग्रामीण विद्युतीकरण जैसी योजनाओं पर विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपए हस्तांतरित किए गए हैं। साथ ही श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और माताओं-बहनों के लिए महतारी वंदन योजना का उल्लेख किया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और युवा सशक्तिकरण में प्रगति
सीएम ने कहा कि राज्य में शिक्षा क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की जा रही है, स्मार्ट क्लास और मॉडल आईटीआई जैसे आधुनिक संसाधन तैयार किए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा के विस्तार, मेडिकल और मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल निर्माण, आईआईटी जैसी तकनीकी संस्थाओं की स्थापना और नवा रायपुर को एडुसिटी के रूप में विकसित करने की योजनाओं का उल्लेख किया।
नक्सलवाद उन्मूलन और बस्तर का विकास
साय ने कहा कि माओवादियों को चुनौती देकर नक्सलमुक्त क्षेत्र तैयार किया जा रहा है। हथियार डालकर मुख्यधारा में लौट रहे लोग अब लोकतंत्र और संविधान के मार्ग पर हैं। बस्तर में अधोसंरचना, सड़क, बस सेवा, पर्यटन और औद्योगिक विकास की योजनाओं का भी उन्होंने विस्तार से वर्णन किया।
औद्योगिक निवेश, ऊर्जा और तकनीकी उन्नयन
मुख्यमंत्री ने निवेश, उद्योग, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन, सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट, अक्षय ऊर्जा, एआई डाटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर यूनिट जैसी परियोजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का प्रमुख औद्योगिक और तकनीकी केंद्र बन रहा है।
संस्कृति, खेल और सामाजिक सौहार्द
साय ने प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, पर्यटन और खेलों के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खेलों और ओलंपिक खेलों में युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश की पुलिस और सुरक्षा बलों के योगदान को सम्मानित करते हुए राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने समारोह का समापन यह कहते हुए किया कि जनभागीदारी और लोकसहभाग से ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है। उन्होंने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया की कविता की पंक्तियों का स्मरण कर सभी प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी।



