मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव को मिला “सनातन भूषण सम्मान” अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का हरिद्वार में आयोजन !

हरिद्वार/( शिखर दर्शन)// मध्य प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव आज हरिद्वार पहुंचे । मुख्यमंत्री हरिद्वार में आयोजित पतंजलि गुरुकुलम एवं आचार्य कुलम का शिलान्यास समारोह में शामिल हुए । इस दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे । कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ यादव को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा पंचायती निरंजनी अखाड़ा में बड़ा सम्मान मिला है ।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को आज यहां सनातन भूषण सम्मान एवं संत समागम कार्यक्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा पंचायती निरंजनी अखाड़ा हरिद्वार में “सनातन भूषण” सम्मान से सम्मानित किया गया इस अवसर पर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज ,महामंडलेश्वर युगपुरुष स्वामी परमानंद गिरि जी महाराज , शंकराचार्य राज राजेश्वरानंद आश्रम महाराज , आवाहन पीठाधीश्वर अवधूत अरुण गिरी जी महाराज , मंडलेश्वर स्वामी हरी चेतनानंद जी महाराज सहित अन्य पूजनीय संतगण उपस्थित थे ।
वही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने “सनातन भूषण सम्मान” एवं संत समागम कार्यक्रम को संबोधित भी किया । उन्होंने कहा मुझे पूरा विश्वास है कि हरिद्वार में बनने जा रहा नया गुरुकुल निश्चित रूप से अपने उत्कृष्ठ उद्देश्य की प्राप्ति करेगा । एवं दुनिया में मानवता की स्थापना करेगा हमारी सनातन संस्कृति “गुरु और गुरुकुल” दोनों की महिमा परिचित कराती है । डॉ मोहन यादव ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि त्रेता युग में भगवान श्री राम जी और द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण जी ने गुरुकुल में अपने जीवन की प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की, मैं योग गुरु श्रद्धा रामदेव जी को गुरुकुल के समस्त प्रकल्पों को मध्य प्रदेश में प्रारंभ करने के लिए निमंत्रण देता हूं । मुझे विश्वास है कि आप अगला केंद्र मध्य प्रदेश को ही बनाएंगे ।

डॉ मोहन यादव ने आगे कहा कि लगभग 5000 वर्ष पूर्व अवंतिका नगरी (उज्जैन) में भगवान श्री कृष्ण शिक्षा प्राप्त कर 14 विद्वान विधाओं और 64 कलाओं में पारंगत हुए थे । वर्तमान में यशस्वी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में लागू की गई शिक्षा नीति का भी उद्देश्य हर विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास और उनमें मानवीयता के उत्कृष्ट मापदंड को पुनर्स्थापित करना है ।
पतंजलि योगपीठ का 29 वां स्थापना दिवस और स्वामी दयानंद सरस्वती की 200वी जयंती वा गुरुकुल के संस्थापक स्वामी दर्शनानंद की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें मुख्य रूप से केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव शामिल हुए ।



