इंडिगो एयरलाइंस का मुनाफा 78% घटने के बावजूद विशेषज्ञों का लॉन्ग-टर्म भरोसा बरकरार

(शिखर दर्शन) // इंडिगो एयरलाइंस के दिसंबर तिमाही के नतीजों ने शेयर बाजार में हलचल मचा दी है। कंपनी के ताजा वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट करीब 78 फीसदी घटकर 549.8 करोड़ रुपये रह गया। इस गिरावट के बाद बीएसई पर इंडिगो का शेयर लगभग 4 फीसदी नीचे गिरकर 4,723 रुपये तक आ गया। हालांकि दिन के दौरान निचले स्तर पर निवेशकों की खरीदारी से शेयर में थोड़ी रिकवरी भी देखने को मिली।
मुनाफा घटने के कारण
कंपनी ने बताया कि नए लेबर कोड, फ्लाइट कैंसिलेशन और कुछ एकबारगी खर्चों (one-time expenses) के कारण मुनाफे पर दबाव पड़ा। इन कारणों से दिसंबर तिमाही का नेट प्रॉफिट पिछली तिमाही की तुलना में काफी कम रहा।
विशेषज्ञों का नजरिया
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि मुनाफे में आई यह गिरावट अस्थायी है। इंडिगो का कोर बिजनेस मजबूत बना हुआ है और कंपनी की बैलेंस शीट व कैश पोजिशन काफी मजबूत है। इसलिए लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए भरोसा कायम है।
ब्रोकरेज की राय और टारगेट प्राइस
- UBS ने इंडिगो शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है और 6,170 रुपये का टारगेट दिया है।
- Citi ने 5,700 रुपये का टारगेट निर्धारित करते हुए Buy रेटिंग दी है।
- Goldman Sachs ने 6,000 रुपये का टारगेट रखा है।
ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि शॉर्ट टर्म में दबाव रह सकता है, लेकिन मीडियम और लॉन्ग टर्म ग्रोथ के दृष्टिकोण से कंपनी मजबूत है।
पिछले एक साल का प्रदर्शन
जनवरी 2025 में इंडिगो का शेयर लगभग 3,946 रुपये पर था, जबकि अगस्त 2025 में यह बढ़कर 6,225 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंच गया। यानी सिर्फ सात महीनों में शेयर ने लगभग 58 फीसदी की तेजी दिखाई।
निष्कर्ष
भले ही तिमाही के नतीजे कमजोर रहे हों, विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो एयरलाइंस का फंडामेंटल मजबूत है और लंबी अवधि में निवेशकों के लिए शेयर आकर्षक बने रह सकते हैं।




