“जांजगीर-चांपा में 11 से 13 फरवरी आयोजित होगा जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला, तैयारियों के लिए कलेक्ट्रेट में हुई महत्वपूर्ण बैठक”
जांजगीर-चांपा / ( शिखर दर्शन ) // जिले में प्रस्तावित जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव और एग्रीटेक कृषि मेला को सफल, सुव्यवस्थित और जनसहभागिता से परिपूर्ण बनाने के लिए बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने की।
बैठक में महोत्सव और कृषि मेला से जुड़ी व्यवस्थाओं, कार्यक्रमों और रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विधायक ब्यास कश्यप, पूर्व संसदीय सचिव अम्बेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजीनियर सत्यलता आनंद मिरी, नगर पालिका अध्यक्ष रेखा देवा गढ़ेवाल, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर और संयुक्त कलेक्टर संदीप सिंह ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि महोत्सव के दौरान जिले की लोक संस्कृति, परंपराएं और सांस्कृतिक धरोहर प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएंगी। इसके तहत सुप्रसिद्ध और स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया जाएगा। लोक नृत्य, गायन और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जांजगीर-चांपा की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।

एग्रीटेक कृषि मेला में किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, आधुनिक कृषि यंत्र, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य और शासन की विभिन्न कृषक हितैषी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है।
बैठक में महोत्सव और कृषि मेला पर आधारित स्मारिका “जाज्वल्या” के प्रकाशन पर भी चर्चा हुई। यह स्मारिका जिले की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और कृषि विशेषताओं को दस्तावेजी रूप में प्रस्तुत करेगी।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सभी विभागों को समन्वित और समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयोजन को सफल और भव्य बनाने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम जनता की सहभागिता अनिवार्य है। बैठक के अंत में सभी से आयोजन को यादगार बनाने के लिए सहयोग का आह्वान किया गया।
जानकारी के अनुसार, यह महोत्सव और कृषि मेला 11 से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा।



