बैंक निफ्टी में 3 दिन से जारी गिरावट, निवेशक कैसे बनाएं कमाई की रणनीति? एक्सपर्ट्स ने बताया रिकवरी का रास्ता

Stock Market Prediction: निफ्टी 25,200 के नीचे फिसला, बिकवाली का दबाव कायम; रैली पर बिकवाली की रणनीति प्रभावी
तीन दिनों की तेज गिरावट के बाद भी शेयर बाज़ार में रिकवरी के स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं। निफ्टी 25,200 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया है, जबकि सेंसेक्स और बैंक निफ्टी पर भी दबाव बना हुआ है। बड़े दिग्गज शेयर—ICICI बैंक, इंफोसिस, L&T और HDFC बैंक—कमज़ोरी में हैं। मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी बिकवाली जारी है।
सुबह का हाल
करीब 10 बजे सेंसेक्स 292.35 अंक या 0.36% गिरकर 81,888.12 पर था, जबकि निफ्टी 69.85 अंक या 0.28% गिरकर 25,162.65 पर कारोबार कर रहा था। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 13 के पार पहुंचकर दो महीने के उच्चतम स्तर पर चला गया, जो बढ़ती अनिश्चितता का संकेत है।
सेक्टर ट्रेंड: IT और केमिकल्स सबसे ज्यादा दबाव में
केमिकल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और IT सेक्टर सबसे ज्यादा कमजोर रहे, जहां इंडेक्स 1–1.5% तक गिरे। IT में OFSS और Coforge 3–4% तक टूटे। इसके उलट फार्मा, मेटल और कुछ चुनिंदा PSU बैंकों में सीमित खरीदारी दिखी। मेटल्स में हिंदुस्तान जिंक फ्यूचर्स 2% की बढ़त के साथ टॉप गेनर रहा।
सोना रिकॉर्ड पर, गोल्ड फाइनेंस स्टॉक्स में तेजी
सोने की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल से गोल्ड फाइनेंस स्टॉक्स को सहारा मिला। मुथूट फाइनेंस ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा, जबकि मणप्पुरम फाइनेंस में भी मजबूती रही। चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी से हिंदुस्तान जिंक और MCX को भी सपोर्ट मिला। सोना पहली बार ₹1,55,000 के पार गया।
नतीजों का असर
परसिस्टेंट सिस्टम्स के नतीजों पर बाज़ार की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही—स्टॉक करीब 5% गिरा और फ्यूचर्स में टॉप लूज़र्स में शामिल रहा। मार्जिन पर दबाव चिंता का कारण बना। यूनाइटेड स्पिरिट्स भी नतीजों के बाद लगभग 3% फिसला।
निफ्टी स्ट्रैटेजी और टेक्निकल लेवल्स
- रेजिस्टेंस: 25,371–25,433
- सपोर्ट: 25,089–25,134
- बड़ा सपोर्ट: 24,961–25,023
200-दिन के EMA का टूटना बाज़ार के लिए नकारात्मक संकेत रहा। FIIs की भारी बिकवाली और इंडेक्स में शॉर्टिंग बढ़ी है—शॉर्ट पोजीशन 2.01 लाख तक पहुंच गई हैं। स्टॉक फ्यूचर्स में भी बिकवाली दिखी है।
एनालिस्ट व्यू
AT रिसर्च एंड रिस्क मैनेजर्स के आदित्य ठुकराल के अनुसार, 25,473 के स्विंग पिवट के टूटने के बाद निफ्टी में गिरावट का ट्रेंड तेज हुआ। 25,432–25,500 के छोटे कंसोलिडेशन से नीचे ब्रेकडाउन के बाद दबाव बना रहा। 14-पीरियड RSI डेली और छोटे टाइमफ्रेम पर ओवरसोल्ड ज़ोन में है—छोटी रैलियां संभव हैं, लेकिन वे बेचने के मौके दे सकती हैं। दबाव तभी घटेगा जब निफ्टी 25,500 के ऊपर मजबूती से बंद होगा।
बैंक निफ्टी आउटलुक
शॉर्ट-टर्म में बैंकिंग इंडेक्स साइडवेज़ से नेगेटिव की ओर है। 20-दिन के EMA से नीचे क्लोजिंग, डेरिवेटिव्स में लॉन्ग अनवाइंडिंग और शॉर्ट बिल्डअप आगे और कमजोरी की आशंका बढ़ाते हैं। ऊपर की चाल सीमित दिख रही है।
निष्कर्ष
वर्तमान माहौल में वोलैटिलिटी ऊंची है और सेंटिमेंट नकारात्मक। रणनीति के तौर पर रैली पर बिकवाली अधिक प्रभावी दिख रही है, जबकि निर्णायक सुधार के लिए निफ्टी का 25,500 के ऊपर टिकना जरूरी होगा।




