दिल्ली

पद संभालते ही BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने लिया एक्शन , तीन राज्यों के चुनाव प्रभारी बनाए गए

रायपुर / नई दिल्ली / (शिखर दर्शन) // भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पदभार संभालते ही संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। अध्यक्ष बनने के कुछ ही समय बाद नितिन नबीन ने तीन राज्यों में चुनाव प्रभारी और सह-प्रभारी की नियुक्ति कर पार्टी की चुनावी रणनीति को गति दी है।

पार्टी महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, केरल विधानसभा चुनाव, तेलंगाना नगर पालिका व कॉर्पोरेशन चुनाव और ग्रेटर बेंगलुरु नगर निगम चुनाव के लिए अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन नियुक्तियों से संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को धार देने में मदद मिलेगी।

केरल विधानसभा चुनाव:
भाजपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को केरल विधानसभा चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलजे को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, विनोद तावड़े को चंडीगढ़ के नए मेयर चुनाव की देखरेख की बड़ी जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि विनोद तावड़े का संगठनात्मक अनुभव केरल जैसे चुनौतीपूर्ण राज्य में लाभकारी साबित होगा।

तेलंगाना नगर पालिका और कॉर्पोरेशन चुनाव:
तेलंगाना में भाजपा ने आशीष शेलार को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों पर विशेष फोकस करते हुए भाजपा इस राज्य में अनुभवी और आक्रामक रणनीति के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी।

ग्रेटर बेंगलुरु नगर निगम चुनाव:
ग्रेटर बेंगलुरु नगर निगम चुनाव के लिए राम माधव को चुनाव प्रभारी और राजस्थान के पूर्व भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया को सह-प्रभारी बनाया गया है। सतीश पूनिया की यह नियुक्ति उनके सक्रिय राजनीति में मजबूत वापसी के संकेत के तौर पर देखी जा रही है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद से वह नई भूमिका की प्रतीक्षा कर रहे थे, जबकि हाल ही में हरियाणा विधानसभा चुनाव में उनकी रणनीतिक भूमिका ने पार्टी को बड़ी जीत दिलाई थी।

कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, ग्रेटर बेंगलुरु नगर निगम के चुनाव अस्थायी रूप से 25 मई के बाद कराए जा सकते हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट की समय-सीमा के तहत यह जून 2026 से पहले कराना अनिवार्य है। ऐसे में भाजपा समय से पहले संगठन को मजबूत कर चुनावी मोर्चे पर पूरी तैयारी के साथ उतरना चाहती है।

कुल मिलाकर, नितिन नबीन के ये पहले कदम यह साफ कर रहे हैं कि भाजपा आगामी चुनावों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और अनुभवी नेताओं के सहारे हर मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन की रणनीति पर काम कर रही है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Don`t copy text!