21 जनवरी महाकाल भस्म आरती: चंद्र और त्रिपुंड तिलक से सजे बाबा महाकाल, दिव्य श्रृंगार में हुए दर्शन

उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में माघ माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, बुधवार तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। इसके साथ ही भस्म आरती विशेष और दिव्य श्रृंगार के साथ श्रद्धा एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई। इस दौरान मंदिर जय जय श्री महाकाल, हर हर महादेव, हर हर शंभू और ॐ नमः शिवाय के उद्घोष से गूंज उठा।
कपाट खुलते ही पुजारियों द्वारा गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया गया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया तथा दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से अभिषेक पूजन संपन्न हुआ। बाबा महाकाल के मस्तक पर चंद्र और त्रिपुंड तिलक अर्पित कर भव्य एवं दिव्य श्रृंगार किया गया।
भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का ध्यान किया गया। कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला तथा पुष्पमालाएं अर्पित कर भगवान का भव्य अलंकरण किया गया। सुगंधित पुष्पों और आभूषणों से बाबा महाकाल का स्वरूप अत्यंत मनोहारी दिखाई दिया।
भस्म आरती के दर्शन हेतु बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान के समीप अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान संपूर्ण मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से भक्तिमय वातावरण में गुंजायमान रहा।




