SIR को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पंहुचा निर्वाचन आयोग, दावा-आपत्ति की समय-सीमा बढ़ाने की किया मांग

रायपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में निर्वाचन आयोग का दौरा कर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं को उजागर किया। प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन पदाधिकारी IAS भोस्कर विलास संदीपन से मुलाकात कर बताया कि दस्तावेजों की उपलब्धता, तकनीकी कठिनाइयां और प्रक्रियागत जटिलताएं अनेक योग्य मतदाताओं को दावा-आपत्ति करने से रोक रही हैं।
कांग्रेस ने एसआईआर की दावा-आपत्ति की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान में तय समय-सीमा अत्यंत अल्प है, जिसके कारण बड़ी संख्या में पात्र मतदाता अपने नाम जोड़ने, संशोधन करवाने और त्रुटियां सुधारने से वंचित रह सकते हैं। विशेष रूप से दुर्गम इलाकों में लोगों को इस प्रक्रिया की जानकारी समय पर नहीं मिल पाई है।
प्रतिनिधिमंडल ने सलवा जुडुम प्रभावित गांवों से विस्थापितों और अन्य अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिकों के लिए विशेष प्रक्रिया की भी मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में आदिवासी, मजदूर, अल्पसंख्यक और अन्य वर्गों के मतदाताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और यह सुनियोजित साजिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पार्टी ने पहले भी शिकायत दर्ज कराई थी।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि छत्तीसगढ़ से कमाई के लिए दूसरे राज्यों गए लोग भी इस प्रक्रिया से वंचित न रहें, इसके लिए उनके लिए विशेष प्रावधान किए जाएं।
यह खबर स्पष्ट करती है कि SIR प्रक्रिया में सुधार और समय-सीमा में विस्तार की आवश्यकता है ताकि हर पात्र मतदाता अपनी मतदाता सूची में सही ढंग से दर्ज हो सके।




