ईरान विरोध प्रदर्शन शांत, खामेनेई सरकार के कदम सख्त

तेहरान (शिखर दर्शन) // ईरान में दिसंबर के अंत से चल रहे विरोध प्रदर्शन, जो सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ थे, अब धीरे-धीरे शांत पड़ रहे हैं। अमेरिकी सहायता न मिलने के कारण प्रदर्शन कमजोर पड़े और सरकार ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
ईरान के पुलिस प्रमुख अहमद-रेजा रादान ने प्रदर्शनकारियों को तीन दिन में आत्मसमर्पण करने का अल्टीमेटम दिया है। रादान ने कहा कि जो युवा अनजाने में दंगों में शामिल हुए हैं, उन्हें दुश्मन नहीं बल्कि भ्रमित व्यक्ति माना जाएगा और उनके साथ नरमी बरती जाएगी।
सरकारी बयान के अनुसार, ईरान की कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका ने आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए दिन-रात काम करने का संकल्प लिया है। बढ़ती महंगाई और मुद्रा में गिरावट के कारण शुरू हुए प्रदर्शन अब खामेनेई शासन को हटाने की मांग पर अड़े थे।
इंटरनेट बंद रहने और अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल पर पाबंदी के कारण प्रदर्शन और हिंसा की वास्तविक स्थिति पूरी तरह सामने नहीं आ पाई है। ईरान ह्यूमन राइट्स एनजीओ का कहना है कि अब तक 3,428 प्रदर्शनकारियों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।
मानवाधिकार समूहों ने चेतावनी दी है कि ईरान में मौत की सजा का इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बढ़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र ने भी फांसी को धमकी के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की संभावना को लेकर चिंता जताई है।
इस प्रकार, ईरान में विरोध प्रदर्शन कम हुए हैं, लेकिन सरकार की सख्ती, इंटरनेट बंद और मानवाधिकार चिंताएं अभी भी देश में तनाव बनाए हुए हैं।



