मध्यप्रदेश

कछुआ तस्करी का अंतरराष्ट्रीय तस्कर मुरुगेशन थाईलैंड भेजा जाएगा, सागर कोर्ट से बरी होने के बाद STF ने फिर पकड़ा

मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स ने तस्कर मन्नीवन्नन मुरुगेशन का थाईलैण्ड प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया

भोपाल (शिखर दर्शन) // मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रदेश में वन एवं वन्य-जीव संरक्षण के प्रयास लगातार जारी हैं। इसी दिशा में मध्यप्रदेश वन विभाग की स्टेट टाइगर फोर्स (एसटीएफ) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है।


दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कछुआ तस्कर की गिरफ्तारी

एसटीएफ ने वन्य-जीव तस्करी के आरोप में मन्नीवन्नन मुरुगेशन को गिरफ्तार किया। यह अपराधी थाईलैण्ड सहित कई देशों में प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी के मामलों में शामिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2018 में ढाका, बांग्लादेश में आयोजित बैठक में मुरुगेशन का नाम दुर्लभ कछुओं की तस्करी में दुनिया में तीसरे नंबर पर बताया गया था।

मुरुगेशन का अवैध व्यापार सिंगापुर, भारत, थाईलैण्ड, मलेशिया, मकाऊ, हांगकांग, चीन और मेडागास्कर तक फैला हुआ था। 27 अगस्त, 2012 को बैंकॉक एयरपोर्ट पर करीब 900 दुर्लभ प्रजाति के कछुओं के साथ पकड़े जाने के बावजूद वह पहले छूटने में सफल हो गया था।


न्यायालय की प्रक्रिया और प्रत्यर्पण

थाईलैण्ड सरकार के अनुरोध पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने आवश्यक कार्रवाई की। न्यायालय पटियाला हाउस नई दिल्ली ने विस्तृत सुनवाई के बाद 6 जनवरी, 2026 को मुरुगेशन के प्रत्यर्पण की अनुमति दे दी। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल, नई दिल्ली में रखा गया।


मुरुगेशन पर पहले भी कानूनी कार्रवाई हुई थी

एसटीएफ ने मुरुगेशन को 30 जनवरी, 2018 को चेन्नई से गिरफ्तार कर सागर के विशेष न्यायालय में पेश किया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसे 7 वर्ष की सजा सुनाई थी। हालांकि, अपील में जिला एवं सत्र न्यायालय सागर ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया था। इसके खिलाफ उच्च न्यायालय जबलपुर में अपील दर्ज की गई और आरोपी का पासपोर्ट जब्त कर लिया गया। वर्तमान में उच्च न्यायालय में अपील लंबित है।


एसटीएफ और मध्यप्रदेश वन विभाग की भूमिका

मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स की सतत निगरानी और त्वरित कार्रवाई की बदौलत मुरुगेशन को थाईलैण्ड प्रत्यर्पण के लिए प्रस्तुत किया गया। इस कार्रवाई से प्रदेश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वन्य-जीव तस्करी पर कड़ी निगरानी और कानून के प्रवर्तन का संदेश गया है।

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