मकर संक्रांति से पीएम मोदी का कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट, जानें नए पीएमओ की प्रमुख विशेषताएँ
नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यालय यानी पीएमओ साउथ ब्लॉक से ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में शिफ्ट हो जाएगा। यह नया प्रशासनिक परिसर दारा शिकोह रोड (पूर्व में डलहौजी रोड) पर स्थित है। 1947 से साउथ ब्लॉक से कार्य कर रहा पीएमओ अब आधुनिक तकनीक और हाई-टेक सुरक्षा से लैस ‘सेवा तीर्थ’ में कामकाज शुरू करेगा।
आधुनिकता और हाई-टेक सुरक्षा का संगम
‘सेवा तीर्थ’ करीब 1,189 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार किया गया है और यह 2.26 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है। पूरे परिसर में तीन अलग-अलग इमारतें हैं, जिनकी भूमिकाएँ स्पष्ट रूप से तय की गई हैं। नया पीएमओ ‘ओपन फ्लोर’ मॉडल पर आधारित है, जो साउथ ब्लॉक की बंद और ऊंची दीवारों वाली दफ्तर व्यवस्था से अलग है। इस खुली व्यवस्था का उद्देश्य कार्यालय में कामकाज को सुगम बनाना और आपसी सहयोग बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री का निजी कक्ष और सेरोमोनियल रूम्स विशेष रूप से भव्य बनाए गए हैं। इन कमरों में विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से मुलाकात होगी। सजावट में भारत की 5,000 साल पुरानी सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई देती है।
‘इंडिया हाउस’ में उच्चस्तरीय बैठकें
सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में ‘इंडिया हाउस’ नामक आधुनिक कॉन्फ्रेंस फेसेलिटी भी बनाई गई है, जो विशेष रूप से उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकें और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के लिए तैयार की गई है। पूरा परिसर उच्चतम भूकंपीय मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप है। यहाँ टॉप-लेवल साइबर सुरक्षा और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन लाइंस भी मौजूद हैं।
साउथ और नॉर्थ ब्लॉक का भविष्य
साउथ और नॉर्थ ब्लॉक पूरी तरह खाली होने के बाद ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ में बदल दिए जाएंगे। इसके लिए फ्रांस की म्यूजियम डेवलपमेंट एजेंसी के साथ 19 दिसंबर 2024 को तकनीकी सहयोग का समझौता किया गया था।

कुल मिलाकर, मकर संक्रांति पर पीएमओ का ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होना भारतीय प्रशासन और सत्ता संचालन के कामकाज में एक नए दौर की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
