रेलवे स्टेशन में पार्किंग ठेकेदार की मनमानी पर नाराज हुए चीफ जस्टिस मुख्य न्यायाधीश कह ….. कहां है डीआरएम ?? , “जाकर देखें की स्थिति क्या है वहां कोई सिस्टम है भी या नहीं”

बिलासपुर /(शिखर दर्शन)// हाई कोर्ट छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने बिलासपुर रेलवे स्टेशन का “ड्रॉप एंड गो” में बैरियर लगाकर ठेकेदार की अवैध वसूली को लेकर जमकर नाराजगी जताई मामले की सुनवाई के दौरान डिविजनल रेलवे मैनेजर का जवाब पढ़कर चीफ जस्टिस अत्यधिक नाराज हुए । उन्होंने कहा कि इतना बड़ा रेलवे स्टेशन चला रहे हो , हजारों यात्रियों का वहां आना-जाना है , उनसे आपको कोई मतलब है भी या नहीं ? रेलवे स्टेशन पर मनमानी चल रही है कहां है डीआरएम ? ऑफिस से निकलकर रेलवे स्टेशन को जाकर देखें कि क्या हालात हैं वहां कोई सिस्टम है भी या नहीं ??

रेलवे की अव्यवस्था को लेकर मीडिया की खबर को हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान में लिया है । और मामले को जनहित याचिका मानकर केस की सुनवाई चल रही है । मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रेलवे डीआरएम को शपथ पत्र के साथ जवाब प्रस्तुत करने कहा था । इसके बाद आनन फानन में रेलवे के अफसर ने दिखावे के लिए वाणिज्यि निरीक्षक को सस्पेंड कर दिया था । साथ ही ठेकेदार पर ₹10000 का जुर्माना भी लगाया था । कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए गए अपने जवाब में इस बात का डीआरएम ने जिक्र भी किया था

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा और न्यायाधीश रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन बिलासपुर डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक की तरफ से शपथ पत्र के साथ जवाब प्रस्तुत किया गया । सिस्टम पर सवाल उठाते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि रेलवे है या फिर अस्पताल है यहां लोग किस तरह की अव्यवस्था से गुजर रहे हैं ?कितनी परेशानी झेलनी पड़ रही है इस बात की चिंता आप लोगों को है भी या नहीं ? ना तो रेलवे की व्यवस्था सुधर रही है और ना ही रेलवे अस्पताल की यहां सिस्टम नाम की कोई चीज है भी या नहीं ? लोगों को सुविधा उपलब्ध कराने के बजाय परेशानी ही खड़ी करते नजर आ रहे हैं ।क्या ऐसे ही परेशानी खड़ी करते रहेंगे , ऐसा काम क्यों नहीं करते हैं जिससे लोगों की परेशानियों का हाल हो सके ।




