ईरान में उबालः खामेनेई विरोधी प्रदर्शनकारी इरफान सोलतानी को सरेआम फांसी की आशंका, ट्रंप की चेतावनी—ऐसा हुआ तो गंभीर अंजाम, 2400 से ज्यादा मौतें

तेहरान ( एजेंसी ) // ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आज 18वां दिन है। इस बीच प्रदर्शनकारियों को चेताने के लिए 26 साल के इरफान सुलतानी को, जो प्रदर्शन में सक्रिय रहे और खामेनेई के खिलाफ आवाज उठाई, आज सरेआम फांसी दी जा सकती है। उन्हें 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। यह कदम ईरानी सरकार द्वारा विरोध प्रदर्शन को दबाने के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अगर ईरान में अधिकारी प्रदर्शनकारियों को फांसी देना शुरू करते हैं तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि अमेरिका ईरान में चल रहे घटनाक्रम और प्रदर्शनकारियों की हत्याओं पर बारीकी से नजर रख रहा है।
ट्रंप ने इस दौरान यह भी कहा कि अमेरिकी प्रशासन के पास ईरान के मामले में कई विकल्प खुले हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने स्पष्ट किया कि कूटनीति प्राथमिकता है, लेकिन हवाई हमले भी विकल्प में शामिल हैं। इसके अलावा, ट्रंप ने घोषणा की कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर अमेरिका के साथ होने वाले सभी व्यापार पर 25 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा।
प्रदर्शनों के बीच ट्रंप ने ईरानी नागरिकों को सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की सलाह भी दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा- “ईरान के देशभक्त प्रदर्शन करते रहें और अपनी संस्थाओं को अपने कब्जे में लें। मदद रास्ते में है। जो लोग प्रदर्शनकारियों की हत्या कर रहे हैं, उनके नाम नोट कर लो। उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
मानवाधिकार समूह एचआरएएनए (HRANA) के अनुसार, ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद अब तक कम से कम 2,403 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 18 साल से कम उम्र के 12 बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, कम से कम 18,137 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा पहले बताए गए 1,850 मौतों के अनुमान से कई गुना अधिक है।
ईरान ने ट्रंप के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने कहा कि ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरानी लोगों के ‘मुख्य हत्यारे’ हैं।




