श्री महाकाल भस्म आरती: भांग, चंदन और सुगंधित पुष्पों से सजे बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन

उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खोले गए। मंदिर परिसर जय जय श्री महाकाल, हर हर महादेव, हर हर शंभू और ॐ नमः शिवाय के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल की भव्य भस्म आरती विशेष श्रृंगार के साथ संपन्न हुई।
कपाट खुलते ही पुजारियों द्वारा गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया गया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद एवं फलों के रस से निर्मित पंचामृत से अभिषेक पूजन संपन्न कराया गया। बाबा महाकाल के मस्तक पर चंद्र अर्पित कर उनका दिव्य श्रृंगार किया गया, जिससे ज्योतिर्लिंग की अलौकिक छटा देखते ही बन रही थी।
भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम के जल से पूजन किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित कर भगवान महाकाल का भव्य अलंकरण किया गया।
भस्म आरती के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर आशीर्वाद मांगा। पूरे मंदिर परिसर में बाबा महाकाल के जयकारे गूंजते रहे और वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना रहा।




