अमेरिका करेगा ईरान पर हमला… डोनाल्ड ट्रंप ने अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने का दिया आदेश

US–Iran Tension: ईरान में उबाल, अमेरिका वॉर मोड में; नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने का अलर्ट, 25% टैरिफ से वैश्विक हलचल
ईरान में इस्लामी शासन और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ पिछले 16 दिनों से जारी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अमेरिका अब लगभग वॉर मोड में नजर आ रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय (US State Department) ने एक आपातकालीन सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए अपने सभी नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने का निर्देश दिया है।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर सीधे 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि जो भी देश इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करेगा, उसे अमेरिका के साथ होने वाले सभी कारोबार पर 25% टैरिफ देना होगा और यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
ईरान में हालात बेहद भयावह
ईरान में खामेनेई को सत्ता से हटाने और इस्लामी शासन के खिलाफ चल रहे आंदोलनों को कुचलने के लिए सुरक्षा बलों ने कठोर कार्रवाई की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंसा में अब तक 544 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 8 बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, 10,681 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। राजधानी तेहरान में अस्पतालों के बाहर लाशों के ढेर लगे होने की खबरें सामने आई हैं, जहां लोग अपने परिजनों के शव तलाशते नजर आ रहे हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ईरानी सरकार ने देशभर में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिए हैं, जिससे संचार पूरी तरह ठप हो गया है। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने 16 जनवरी तक ईरान के लिए उड़ानें रद्द कर दी हैं।
अमेरिकी नागरिकों को गंभीर खतरे की चेतावनी
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने चेताया है कि ईरान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों, खासकर दोहरी नागरिकता रखने वालों को मनमानी गिरफ्तारी, पूछताछ और प्रताड़ना का गंभीर खतरा है। अमेरिका ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि यदि संभव हो तो आर्मेनिया या तुर्किये के रास्ते सड़क मार्ग से ईरान छोड़ें, भीड़-भाड़ और प्रदर्शनों से दूर रहें, पर्याप्त भोजन-पानी का इंतजाम रखें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला
व्हाइट हाउस ने संकेत दिए हैं कि ईरान द्वारा ‘रेड लाइन’ पार किए जाने की स्थिति में अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप से भी पीछे नहीं हटेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों पर हो रहे दमन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए यह साफ किया है कि सभी विकल्प खुले हैं।
भारत समेत कई देशों पर असर
ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25 फीसदी टैरिफ का फैसला केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। इससे भारत, चीन, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों पर भी असर पड़ सकता है, जो ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ ईरान की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार संबंधों में भी नई तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो सकती है।
कुल मिलाकर, ईरान में बढ़ती हिंसा और अमेरिका के आक्रामक रुख ने पश्चिम एशिया ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में चिंता बढ़ा दी है। हालात जिस दिशा में बढ़ रहे हैं, वह आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल सकते हैं।




