BPL में बाप-बेटे की जोड़ी ने किया कमाल, जोरदार बल्लेबाजी से दर्शकों को बनाया मंत्रमुग्ध

पिता-पुत्र की यादगार साझेदारी, नोआखाली एक्सप्रेस ने बनाया 184 रनों का सम्मानजनक स्कोर
( शिखर दर्शन ) // बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) में 11 जनवरी का मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक रहा। नोआखाली एक्सप्रेस और ढाका कैपिटल्स के बीच खेली गई इस भिड़ंत में अफगानिस्तान के अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी और उनके बेटे हसन ईसाखिल पहली बार एक ही टीम के लिए मैदान में साथ नजर आए।
मैच की शुरुआत नोआखाली की ओर से युवा हसन ईसाखिल और सौम्य सरकार ने की। दोनों ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए पावरप्ले में ही ढाका के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। सौम्य सरकार ने 25 गेंदों में 48 रन की तेजतर्रार पारी खेली, लेकिन उनके आउट होने के बाद टीम थोड़ी मुश्किल में दिखी। शाहदत हुसैन (3) और हबीबुर रहमान सोहान (4) भी जल्दी पवेलियन लौट गए।

मुश्किल हालात में क्रीज पर आए मोहम्मद नबी ने अपने बेटे हसन का साथ दिया और पारी को संभाला। पिता-पुत्र की यह साझेदारी दर्शकों के लिए यादगार बन गई। दोनों ने सिर्फ 30 गेंदों में 53 रन की अहम साझेदारी करते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला। इस दौरान हसन ईसाखिल ने बेखौफ अंदाज में बड़े शॉट्स लगाए, जबकि नबी ने अपने अनुभव से पारी को गति दी।
हसन ईसाखिल ने 60 गेंदों में 92 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। मोहम्मद नबी ने 13 गेंदों पर 17 रन बनाए। यह साझेदारी 18वें ओवर में अब्दुल्ला अल मामुन ने नबी को आउट करके तोड़ी, और अगले ही ओवर में मोहम्मद सैफुद्दीन ने हसन का विकेट चटका दिया। हालांकि, तब तक दोनों ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली थी। उनकी बदौलत नोआखाली एक्सप्रेस ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 184 रन का सम्मानजनक स्कोर बनाया।
मैच के बाद मोहम्मद नबी ने हसन की तारीफ करते हुए कहा कि वह अपने बेटे से काफी उम्मीदें रखते हैं और उन्हें भरोसा है कि हसन भविष्य में सीनियर टीम के लिए खेलेंगे और बड़ा मुकाम हासिल करेंगे। नबी ने यह भी कहा कि हसन मेहनती खिलाड़ी हैं और हमेशा खुद को बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं।

गौरतलब है कि हसन ईसाखिल ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने अफगानिस्तान अंडर-19 टीम की ओर से भारत अंडर-19 के खिलाफ केवल 32 गेंदों में अर्धशतक जड़कर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा था।



