ट्रम्प ग्रीनलैंड पर हमले की बना रहे योजना , स्पेशल फोर्सेज को दी जिम्मेदारी; सेना ने कहा – राष्ट्रपति की जिद 5 साल के बच्चे जैसी, आदेश मनमानी नहीं चलेगी

वॉशिंगटन ( एजेंसी ) // अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए विशेष फोर्स कमांडरों से योजना बनाने का निर्देश दिया है। सूत्रों के अनुसार, ट्रंप के आसपास के सलाहकार, खासकर राजनीतिक सलाहकार स्टीफन मिलर, इस योजना को आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारियों ने इसे गैरकानूनी और असंभव करार देते हुए खुले तौर पर विरोध जताया है।
सूत्रों के अनुसार, ट्रंप का यह कदम वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के ऑपरेशन की सफलता के बाद उठाया गया है। उनका मानना है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड पर तेजी से कदम उठाना चाहिए, इससे पहले कि रूस या चीन वहां अपनी पकड़ मजबूत कर लें।
घरेलू राजनीति का भी है प्रभाव
विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप की ग्रीनलैंड योजना केवल राष्ट्रीय सुरक्षा नहीं बल्कि घरेलू राजनीतिक एजेंडा से भी जुड़ी है। अमेरिका में इस वर्ष मध्यावधि चुनाव होने हैं और अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। डेली मेल को एक राजनयिक सूत्र ने बताया कि जनरलों का कहना है कि ट्रंप की जिद “एक पांच साल के बच्चे से निपटने जैसी” है।
ट्रम्प का उद्देश्य मतदाताओं का ध्यान अर्थव्यवस्था की समस्याओं से हटाकर एक बड़े राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दे पर केंद्रित करना भी माना जा रहा है।
NATO और यूरोप के साथ संभावित टकराव
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका अगर ग्रीनलैंड पर हमला करता है तो इससे NATO को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है। कुछ यूरोपीय अधिकारी मानते हैं कि ट्रंप का मकसद कट्टर MAGA गुट के जरिए NATO को कमजोर करना और यूरोप को अमेरिका पर निर्भर रहने से मजबूर करना हो सकता है।
ट्रम्प ने पहले भी NATO पर आरोप लगाए हैं कि अमेरिका इसमें सबसे अधिक संसाधन खर्च करता है जबकि यूरोपीय देश अपने जीडीपी का 2% रक्षा पर खर्च करने का लक्ष्य पूरा नहीं करते। उनका यह भी मानना है कि NATO पुराना और अमेरिका के लिए बोझ बन चुका है।
ट्रंप का बयान: रूस और चीन को रोकना है प्राथमिकता
ट्रम्प ने एक बैठक में कहा, “अगर अमेरिका ग्रीनलैंड पर कदम नहीं उठाता तो रूस और चीन इसे कब्जा कर लेंगे। यह सिर्फ जमीन खरीदने का मामला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है।” उन्होंने कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड को “आसान तरीके से” हासिल करना चाहता है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो “सख्त कदम” भी उठाए जाएंगे।
ट्रम्प ने डेनमार्क के प्रति अपनी नरमी भी जताई और कहा कि वे डेनमार्क के बड़े फैन हैं और उनके साथ अच्छे संबंध हैं। हालांकि उन्होंने ग्रीनलैंड के लोगों को सीधे पैसे देकर अमेरिका से जोड़ने की योजना पर फिलहाल कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया।




