सत्ता-संगठन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस: सीएम और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का जीराम जी योजना पर बड़ा ऐलान, विपक्ष पर तीखा प्रहार

भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश सरकार की आगामी विकास रणनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लिए वर्ष 2026 किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जाएगा, जबकि वर्ष 2027 युवाओं को समर्पित रहेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि विकास में अपार संभावनाएं हैं और इन्हें धरातल पर उतारने के लिए जीरामजी योजना को जोड़कर एक समेकित कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
राजधानी भोपाल स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में बुधवार को सत्ता और संगठन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रेस को संबोधित किया।
मजदूरों के लिए मजबूत प्रावधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की अनुकूलता बढ़ाई जा रही है। मनरेगा में 100 दिन और जीरामजी योजना के तहत 125 दिन काम की गारंटी दी जा रही है। राज्य में वर्षभर में 60 दिन कटाई-बुआई के कार्य दिवस अधिसूचित किए जा सकेंगे। योजना में केंद्र और राज्य का 60:40 का वित्तीय अनुपात रखा गया है, जबकि मजदूरी की दरें केंद्र सरकार तय करेगी।
सीएम ने कहा कि अधिनियम में मजदूरों के हित में कई प्रावधान किए गए हैं और विपक्ष तथ्यों से हटकर बयानबाजी कर रहा है।
15 विभागों की समेकित योजना, पलायन पर लगेगी रोक
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 विभागों को मिलाकर एक समेकित योजना बनाई जा रही है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन पूरी तरह रुक जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 गरीब कल्याण के लिए, 2025 उद्योग विकास के लिए और 2026 किसानों के लिए निर्धारित किया गया है, जबकि 2027 युवाओं के सशक्तिकरण का वर्ष होगा।
इंदौर पानी मामले पर संवेदनशील बयान
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भी जान जाना बेहद कष्टकारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत के विषय में सभी पहलुओं को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अन्य प्रभावितों को भी सहायता दी जाएगी।
सीएम ने यह भी बताया कि जीरामजी योजना के लिए प्रशासनिक अमले का प्रतिशत 6 से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है।
कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप
इससे पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जीरामजी योजना को लेकर जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 50 प्रतिशत कार्यों के निर्धारण का अधिकार पंचायतों के पास रहेगा और बोवनी व फसल अवधि के दौरान योजना में आवश्यक ब्रेक का प्रावधान रहेगा।
कुल मिलाकर, सरकार ने किसानों, मजदूरों और युवाओं को केंद्र में रखकर दीर्घकालिक विकास रोडमैप का स्पष्ट संकेत दिया है।




