देश के सबसे स्वच्छ शहर में गंदगी का अंबार — नाली के बीच खड़ा नल, उसी से पानी पीने को मजबूर लोग, देखिए इंदौर की शर्मनाक तस्वीर

इंदौर ( शिखर दर्शन ) // देश के सबसे स्वच्छ शहर के तौर पर पहचान बनाने वाले इंदौर की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर किसी का भी दिल दहल जाए। इंदौर नगर निगम के ज़ोन-8 स्थित कृष्ण बाग कॉलोनी में हालात इतने भयावह हैं कि नाली के बीच खड़े नल से लोग पीने का पानी लेने को मजबूर हैं। आसपास गंदगी, बहता गटर और बदबू के बीच यही नल स्थानीय लोगों के लिए जीवनरेखा बना हुआ है।
यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है, जब भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद नगर निगम ने न तो सबक लिया और न ही हालात सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाया। अब शहर के अलग-अलग इलाकों से इसी तरह की चिंताजनक तस्वीरें सामने आने लगी हैं।
कृष्ण बाग कॉलोनी में गलियों में दिनभर गटर का पानी बहता रहता है। सड़कें हमेशा गीली रहती हैं और दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी को संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है, लेकिन मजबूरी में वही दूषित माहौल और वही पानी इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
यह स्थिति इंदौर के स्वच्छता मॉडल और बड़े-बड़े दावों की सच्चाई को उजागर करती है। चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे मामले में नगर निगम की ओर से अब तक कोई सख्त कार्रवाई या स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदे पानी और नालियों की समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
भागीरथपुरा के बाद अब कृष्ण बाग कॉलोनी और अन्य इलाके भी “अगला भागीरथपुरा” बनने की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। सवाल यह है कि क्या नगर निगम किसी और बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है, या फिर समय रहते हालात सुधारे जाएंगे? इंदौर की यह तस्वीर न केवल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े करती है, बल्कि देशभर में स्वच्छता को लेकर किए जा रहे दावों की भी हकीकत बयां करती है।




