स्वास्थ्य

ठंड में नंगे पैर चलना: सेहत के लिए सही या गलत? जानिए फायदे, नुकसान और सही तरीका

कई लोग सुबह घर के अंदर, छत, आंगन या बाहर बिना चप्पल या जूते के चलने लगते हैं। कुछ लोग इसे नेचुरल लाइफस्टाइल मानते हैं, तो कुछ को लगता है कि इससे शरीर मजबूत होता है। लेकिन ठंड के मौसम में नंगे पांव चलना सेहत के लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक, इसे समझना जरूरी है।

सर्दियों में जमीन और फर्श का तापमान काफी कम होता है, जिसका असर सीधे पैरों पर पड़ता है। आइए जानते हैं इसके फायदे और नुकसान

सर्दियों में नंगे पांव चलने के संभावित फायदे

  • ब्लड सर्कुलेशन में सुधार: ठंडी सतह पर थोड़ी देर चलने से पैरों की नसें सक्रिय होती हैं, जिससे रक्त संचार बेहतर हो सकता है।
  • नसों और मांसपेशियों की सक्रियता: जमीन के सीधे संपर्क से पैरों की छोटी मांसपेशियां और नर्व एंडिंग्स एक्टिव रहती हैं।
  • प्रकृति से जुड़ाव: मिट्टी या घास पर कुछ देर चलना मानसिक रूप से सुकून देने वाला हो सकता है।

ध्यान रखें, ये फायदे तभी माने जाते हैं जब व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ हो और समय बहुत सीमित हो।


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सर्दियों में नंगे पांव चलने के नुकसान

  • ठंड लगना और सर्दी-जुकाम: ठंडी जमीन से शरीर का तापमान गिर सकता है, जिससे सर्दी, खांसी या बुखार की आशंका बढ़ जाती है।
  • जोड़ों में दर्द: ठंड का असर पैरों से होते हुए घुटनों और कमर तक पहुंच सकता है, खासकर बुजुर्गों में।
  • एड़ी फटना और त्वचा की समस्या: ठंडी और सूखी सतह से पैरों की त्वचा रूखी हो जाती है, जिससे एड़ियां फट सकती हैं।
  • डायबिटीज या कमजोर इम्युनिटी वालों के लिए जोखिम: पैरों में सुन्नता, जख्म या इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है।
  • नसों पर नकारात्मक असर: ज्यादा देर तक ठंड के संपर्क में रहने से नसें सिकुड़ सकती हैं, जिससे दर्द या झनझनाहट हो सकती है।

क्या करें और क्या न करें

  • नंगे पांव चलना हो तो केवल धूप में और 5 से 10 मिनट से ज्यादा नहीं।
  • मिट्टी या घास पर चलें, ठंडे मार्बल या टाइल्स से बचें।
  • बाद में पैरों को अच्छी तरह धोकर मोजे पहन लें।

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