मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दूषित पानी से मौतों को रोकने के लिए इंदौर में ली बड़ी बैठक

भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हो रही मौतों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को 16 नगर निगमों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक कर सभी जल स्रोतों के पानी की जांच और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएम ने स्पष्ट कहा कि इंदौर जैसी घटना दोबारा न हो और नागरिकों को साफ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होगी।
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मुख्यमंत्री ने दिए कड़े निर्देश
- पानी टंकियों और पाइपलाइन की सफाई: टंकियों की साफ-सफाई, पुराने पाइपलाइन का चिन्हांकन और SOP जारी किया जाए।
- जल शिकायतों का त्वरित समाधान: पानी सप्लाई से संबंधित शिकायत को इमरजेंसी श्रेणी में रखते हुए 48 घंटे के भीतर हल किया जाए।
- सीवर लाइनों के पास पाइपलाइन की विशेष निगरानी: 20 साल से पुरानी पाइपलाइन, बार-बार लीकेज वाली पाइपलाइन और नालियों/सीवर के पास से गुजरने वाली पाइपलाइन चिन्हांकित कर 48 घंटे में मरम्मत सुनिश्चित की जाए।
- जल शोधन संयंत्र और उच्च टंकियों का निरीक्षण: 7 दिनों के भीतर सभी WTPs और OHTs/सम्प टैंकों की सफाई और निरीक्षण किया जाए।
- जल नमूने परीक्षण: सभी प्रमुख जल स्रोतों और टंकियों से तत्काल जल नमूने लेकर परीक्षण कराया जाए।
- क्लोरीनेशन सिस्टम की सतत निगरानी: 24×7 निगरानी सुनिश्चित की जाए।
- जल आपूर्ति में वैकल्पिक व्यवस्था: प्रदूषित पानी पाए जाने पर तत्काल आपूर्ति रोकी जाए और वैकल्पिक सुरक्षित जल उपलब्ध कराया जाए।
सीएम ने यह भी निर्देश दिया कि सी.एम. हेल्पलाइन पर प्राप्त गंदे/दूषित जल और सीवेज से संबंधित शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और 24–48 घंटे के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए।




