गंदे पानी से तीन की मौत, सैकड़ों बीमार; कांग्रेस ने ट्रिपल इंजन सरकार पर साधा निशाना

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन में गंदे ड्रेनेज पानी के मिल जाने से जल संकट गंभीर हो गया। इस घटना के कारण तीन लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग उल्टी-दस्त व पेट दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचे। मृतकों में एक बुजुर्ग और दो महिलाएं शामिल हैं।
पाइपलाइन का लीकेज भागीरथपुरा पुलिस चौकी के सार्वजनिक शौचालय के ठीक नीचे हुआ, जिससे गंदा पानी सीधे पीने के पानी में मिला। नगर निगम ने लीकेज को तुरंत ठीक कर टैंकर से आपातकालीन पानी सप्लाई शुरू कर दी है।
इस संकट के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतु पटवारी अस्पताल पहुंचे और मरीजों से मुलाकात की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने डॉक्टरों के योगदान की सराहना की, लेकिन ट्रिपल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला। पटवारी ने कहा:
- “गंदे पानी से डायरिया और पीलिया होता है, लेकिन तीन मौतें हुईं तो पानी में जहर है, इसकी जांच होनी चाहिए।”
- “नगर निगम के जल संवर्धन के लिए 2,300 करोड़ रुपये का बजट होने के बावजूद जनता को गंदा पानी मिला – यह अनियमितता है।”
- “ट्रिपल इंजन सरकार और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के प्रतिनिधि हैं, लेकिन जनता को क्या मिला? सिर्फ पानी का 300 रुपये टैक्स और जहरीला पानी।”
- “ठेकेदारों की राजनीति में हिस्सेदारी, ई-टेंडर घोटाला और अवैध कॉलोनियां – इंदौर जागो!”
पटवारी ने कांग्रेस नेताओं को निर्देश दिए कि नगर निगम अधिकारियों पर FIR दर्ज कर दोषियों को सजा दिलाई जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह राजनीति का अवसर नहीं है, तीन जानें गई हैं।

दूसरी ओर, शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी अस्पताल का दौरा किया और अधिकारियों को सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने और सभी इलाज के खर्चों को सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा पहले ही कर दी है।



