दिल्ली

आतंकी लेडी डॉक्टर शाहीन सईद की कार से मिली सोवियत संघ में बनाई गई क्रिनकोव असाल्ट राइफल और पिस्टल, अल-फलाह यूनिवर्सिटी में खड़ी ब्रेजा कार में छिपाई थी, दिल्ली ब्लास्ट और टेरर मामले में बड़ा खुलासा

दिल्ली ब्लास्ट और फरीदाबाद “व्हाइट-कॉलर” टेरर मॉड्यूल की जांच में NIA का बड़ा खुलासा

दिल्ली बम ब्लास्ट (Delhi Bomb Blast) और फरीदाबाद के “व्हाइट-कॉलर” आतंकी मॉड्यूल (Faridabad Terror Module) की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को लगातार अहम सुराग मिल रहे हैं। अब एजेंसी ने मुख्य आरोपी लेडी डॉक्टर शाहीन सईद को लेकर बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी परिसर में खड़ी शाहीन सईद की ब्रेज़ा कार से सोवियत निर्मित क्रिनकोव असाल्ट राइफल और पिस्टल बरामद हुई थी। यह वही कार है, जिसे 25 सितंबर 2025 को खरीदा गया था। कार की डिलीवरी के समय डॉ. मुजम्मिल शकील भी मौजूद था और इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर भी पोस्ट की गई थी।

सूत्रों के मुताबिक, शाहीन की कारों का इस्तेमाल अक्सर डॉ. मुजम्मिल करता था। जिन वाहनों से विस्फोटक सामग्री की आवाजाही हुई, वे भी डॉ. शाहीन और डॉ. उमर नबी के नाम पर रजिस्टर्ड थे। यूनिवर्सिटी में शाहीन के कमरे की तलाशी के दौरान एक सीक्रेट लॉकर से 18.50 लाख रुपए नकद, दो सोने के बिस्कुट और खाड़ी देशों की करेंसी भी मिली थी।

डॉ. शाहीन फिलहाल NIA की गिरफ्त में है। एजेंसी अब तक यूनिवर्सिटी के 30 डॉक्टरों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिनमें अधिकांश जम्मू-कश्मीर से संबंध रखते हैं।

क्रिनकोव असाल्ट राइफल को लेकर भी जांच एजेंसी को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। अधिकारियों के अनुसार यह राइफल देखने में भले छोटी हो, लेकिन इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसे कम जगह में आसानी से छिपाया जा सके। यह कॉम्पैक्ट हथियार 1979 में सोवियत संघ में डिजाइन किया गया था। डॉ. मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में शाहीन का नाम सामने आया था।

कार खरीदने में कैश का इस्तेमाल

जांच में पता चला कि शाहीन ने 25 सितंबर को फरीदाबाद के नीलम चौक स्थित TCS शोरूम से यह ब्रेज़ा कार खरीदी थी, जिसकी कीमत 10 लाख से अधिक थी। भुगतान कैश में किया गया था। गाड़ी की डिलीवरी के समय डॉ. मुजम्मिल भी साथ था। दोनों ने मिठाई खिलाकर इस खरीदारी का जश्न मनाया था। यह गाड़ी बाद में यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लॉक में पार्क कर दी गई थी और दिल्ली ब्लास्ट की प्लानिंग में इसका इस्तेमाल होने की आशंका है।

लखनऊ स्थित घर पर भी छापेमारी

NIA ने सोमवार को लखनऊ के खंदारी बाजार स्थित शाहीन सईद के घर पर भी छापेमारी की। यह घर उनके पिता और भाई के नाम पर है। छापे के दौरान एक भाई, जो डॉक्टर है, को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। करीब छह घंटे चली तलाशी में एजेंसी को कुछ अहम दस्तावेज और उपकरण मिले हैं।

कश्मीर में ताबड़तोड़ छापे

त्या, NIA ने कश्मीर घाटी में कई जगहों पर बड़े पैमाने पर छापेमार अभियान चलाया। दिल्ली ब्लास्ट केस से जुड़े सुरागों के आधार पर एजेंसी ने शोपियां, पुलवामा और श्रीनगर में संदिग्धों के ठिकानों की तलाशी ली। यह कार्रवाई लाल किला धमाका केस से जुड़े आरोपियों के घरों पर भी की गई।

मस्जिद के इमाम की गिरफ्तारी

इसी सिलसिले में एनआईए ने उत्तराखंड के बनभूलपुरा क्षेत्र की बिलाली मस्जिद के इमाम मौलाना कासमी को गिरफ्तार किया था। डॉक्टर उमर की कॉल डिटेल्स की जांच में उसका कनेक्शन इस क्षेत्र से जुड़ा मिला था।

जांच लगातार आगे बढ़ रही

दिल्ली ब्लास्ट की जांच का कार्यभार एनआईए के पास है और एजेंसी पूरे मॉड्यूल की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान लखनऊ, कानपुर, सहारनपुर, फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर को ‘कोर ज़ोन’ घोषित कर अधिक सघन तलाशी, इंटेलिजेंस ऑपरेशन और नेटवर्क ट्रैकिंग की जा रही है। एजेंसी का मानना है कि यह मॉड्यूल कई राज्यों में फैला हुआ है और इसके तार अलग-अलग नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।

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