कांग्रेस का जंगी प्रदर्शन : पुलिस के बीच झड़प, बैरिकेड टूटा, वाटर कैनन की तेज बौछारें भी न रोक सकी भीड़, जर्जर सड़कें, भारी बिजली बिल और धान खरीदी अव्यवस्था पर लेकर किया प्रदर्शन
बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // गुरुवार को कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। बढ़े हुए बिजली बिल, धान खरीदी में अव्यवस्था, जर्जर सड़कों और रजिस्ट्री शुल्क जैसे मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता नेहरू चौक से पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।
कलेक्टोरेट से कुछ दूरी पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता उग्र होकर बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वज्र वाहन और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज धार लगने से कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी बैरिकेडिंग पर चढ़ते हुए नीचे गिर गए।
“भाजपा सरकार में जनता बेहाल” — कांग्रेस
कांग्रेस नेता विजय केसरवानी ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जनता बिजली बिल, किसानों की परेशानियों और जर्जर सड़कों जैसी समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ विज्ञापनों में विकास दिखा रही है, जबकि जमीनी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों की झुग्गियों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं, जिससे लोग बेघर हो रहे हैं। यही कारण है कि यह आंदोलन चलाया जा रहा है और समाधान मिलने तक विरोध जारी रहेगा।
पुलिस की तैयारी और ट्रैफिक डायवर्सन
CSP सिविल लाइन निमितेश सिंह ने बताया कि कांग्रेस के कलेक्टोरेट मार्च को देखते हुए पहले से ही सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेड लगाए गए और ट्रैफिक बाधित न हो, इसके लिए रूट डायवर्ट भी किया गया था।
तेज पानी की बौछारों के बावजूद डटे रहे कार्यकर्ता

वाटर कैनन की कार्रवाई के बावजूद कई प्रदर्शनकारी लंबे समय तक खड़े रहे, जिससे कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना। बाद में पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में ले ली। कांग्रेस ने साफ किया कि जनता की समस्याओं का समाधान होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।



