नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर हंगामा : पुलिस ने ट्रेन से उतारे तमिलनाडु के 100 से अधिक किसान , विरोध में किया नग्न प्रदर्शन

नर्मदापुरम ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में मंगलवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब पुलिस ने दिल्ली आंदोलन के लिए जा रहे तमिलनाडु के 100 से अधिक किसानों को जीटी एक्सप्रेस से उतारकर रोक दिया। किसानों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई जिलों से पुलिस बल बुलाया गया, जिसके बाद पूरा रेलवे स्टेशन छावनी में तब्दील हो गया। लगभग एक घंटे से अधिक समय तक ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही।
किसानों का समूह 19 नवंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले अपने बड़े प्रदर्शन में शामिल होने जा रहा था। उनकी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी थी। नर्मदापुरम पुलिस को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई की गई और सभी किसानों को ट्रेन से नीचे उतार लिया गया।
लेकिन घटनाक्रम उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और अस्थाई जेल ले जाए जाने के दौरान किसानों ने विरोधस्वरूप नग्न प्रदर्शन शुरू कर दिया। अचानक हुए इस प्रदर्शन से माहौल गर्म हो गया और पुलिस व किसानों के बीच झड़प जैसी स्थिति पैदा हो गई। काफी समय तक समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
किसानों की छह प्रमुख मांगें
केंद्र सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए तमिलनाडु के किसान दिल्ली जा रहे थे। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
- किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए प्रभावी कदम
- कृषि उत्पादों के दोगुने लाभकारी मूल्य की गारंटी
- व्यक्तिगत किसानों के लिए व्यापक फसल बीमा योजना
- किसानों के सभी राष्ट्रीयकृत बैंक ऋणों की माफी
- कर्नाटक की मेगदादु बांध परियोजना को रोककर तमिलनाडु को रेगिस्तान बनने से बचाना
- 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों के लिए 5000 रुपये मासिक पेंशन, चाहे उनके बच्चों के नाम पर जमीन हो या नहीं
नर्मदापुरम में हुई यह घटना न केवल रेलवे सुरक्षा बल्कि किसान आंदोलन की बढ़ती आक्रामकता को भी उजागर करती है। दिल्ली में होने वाला यह प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, और नर्मदापुरम की घटना ने इसे और अधिक सुर्खियों में ला दिया है।



