छत्तीसगढ़ विधानसभा विशेष सत्रः CM साय ने पुराने भवन की ऐतिहासिक भूमिका और 25 साल की संसदीय यात्रा को रेखांकित करते हुए साझा कीं तस्वीरें

रायपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ विधानसभा के पुराने भवन में मंगलवार को आयोजित विशेष सत्र में प्रदेश की 25 साल की संसदीय यात्रा को याद किया गया। इस मौके पर सत्ता और विपक्ष दोनों ही पक्षों के विधायक एक साथ मौजूद रहे और उन्होंने अपनी-अपनी संसदीय स्मृतियां, अनुभव तथा लोकतांत्रिक परंपराओं से जुड़े सुनहरे क्षण साझा किए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस विशेष अवसर की तस्वीरों के साथ सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर पूरे प्रदेश की संसदीय यात्रा, विधानसभा भवन की महत्ता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर अपने विचार प्रकट किए।
मुख्यमंत्री साय ने लिखा कि छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक यात्रा में वर्तमान (पुराना) विधानसभा भवन ने 25 वर्षों के दौरान अनगिनत ऐतिहासिक निर्णयों, महत्वपूर्ण बहसों और जनहित से जुड़े विधेयकों को जन्म लेते देखा है। यह भवन केवल एक संरचना नहीं, बल्कि राज्य के विकास, सुशासन और मजबूत लोकतांत्रिक परंपराओं का आधार स्तंभ रहा है।

उन्होंने बताया कि विशेष सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, मंत्रिमंडल के सदस्यों, विधायकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, पत्रकारों और सहयोगियों के साथ स्मरणीय तस्वीरें ली गईं। सीएम साय के अनुसार, यह क्षण न सिर्फ लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का सामना और अधिक दृढ़ता एवं संवेदनशीलता से करने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास और जनकल्याण की नई इबारत लिखी है। अब जबकि प्रदेश नए विधानसभा भवन की ओर कदम बढ़ा रहा है, यह पुराना भवन अपनी हर दीवार और हर आंगन के साथ स्मृतियों में सदैव अंकित रहेगा। यह स्थान प्रदेश की गौरवशाली संसदीय परंपरा और सुसंस्कृत संवाद का जीवंत प्रतीक है।
रजत जयंती में योगदान देने वाले दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि
विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीन दिवंगत नेताओं—रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष बनवारी लाल अग्रवाल और जनसेवा के प्रति समर्पित राधेश्याम शुक्ला—को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सीएम साय ने रजनी ताई उपासने को राजनीति और समाज सेवा का प्रेरणादायक व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उनका निधन राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
14 दिसंबर से शुरू होगा विधानसभा का शीतकालीन सत्र
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से 17 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। यह चार दिवसीय सत्र नए विधानसभा भवन में होगा। पहले दिन ‘विकसित भारत 2047’ पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। सत्र की अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी।
यह विशेष सत्र न केवल 25 साल की संसदीय यात्रा का उत्सव था, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक विरासत और भविष्य के संकल्पों को भी नए सिरे से मजबूत करने का अवसर साबित हुआ।



