हिंदी सिनेमा की दिग्गज एक्ट्रेस कामिनी कौशल का 97 वर्ष की उम्र में निधन

मुंबई (शिखर दर्शन) // हिंदी सिनेमा की मशहूर और सबसे उम्रदराज एक्ट्रेस कामिनी कौशल का आज 97 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। कामिनी कौशल ने भारतीय सिनेमा में अपने लंबे और यादगार करियर से हमेशा के लिए अपनी छाप छोड़ी।
कामिनी कौशल ने आखिरी बार आमिर खान और करीना कपूर स्टारर फिल्म लाल सिंह चड्ढा में नजर आई थीं। इसके अलावा, साल 2023 में उन्होंने शाहिद कपूर और कियारा आडवाणी स्टारर फिल्म कबीर सिंह में शाहिद की दादी का किरदार निभाया था। उनके निधन पर परिवार ने प्राइवेसी की मांग की है।
बॉलीवुड की हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस
कामिनी कौशल 1940 के दशक की सबसे सफल एक्ट्रेसेस में से एक थीं। बॉक्स ऑफिस इंडिया की टॉप एक्ट्रेस लिस्ट में 1947 और 1948 में उनका नाम शीर्ष पर था। साल 2022 में उन्हें आउटलुक इंडिया की 75 बेस्ट बॉलीवुड एक्ट्रेसेस में शामिल किया गया था।

बोटनी के जनक के परिवार में जन्म
कामिनी कौशल का जन्म 16 जनवरी 1927 को लाहौर में हुआ था। उनके पिता प्रो. शिव राम कश्यप पंजाब विश्वविद्यालय, लाहौर में बोटनी (पौधों के विज्ञान) के प्रोफेसर थे और उन्हें भारत में काई विज्ञान (ब्रायोलॉजी) का जनक कहा जाता है। उन्होंने पौधों की छह नई प्रजातियों की खोज की थी। कामिनी कौशल दो भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटी थीं। सात साल की उम्र में ही उनके पिता का निधन हो गया।
कम उम्र में अभिनय की शुरुआत
छोटी उम्र में ही कामिनी कौशल ने आकाशवाणी के लिए प्रोग्राम करना शुरू कर दिया था, जिसके लिए उन्हें हर महीने 10 रुपए की तनख्वाह मिलती थी। उन्होंने लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की। इसी दौरान 1946 में चेतन आनंद ने उन्हें अपनी फिल्म नीचा नगर में काम करने का ऑफर दिया, और यहीं से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई।

नीचा नगर भारत की पहली ऐसी फिल्म थी जो कांस फिल्म फेस्टिवल में गई और कांस अवार्ड हासिल करने वाली फिल्म बनी।
कामिनी कौशल ने अपने करियर में न केवल अभिनय की दुनिया में अद्भुत योगदान दिया, बल्कि हिंदी सिनेमा के इतिहास में भी एक अमिट छाप छोड़ी।



