दिल्ली

बाल दिवस 2025: 14 नवंबर को बच्चों के लिए खास दिन, जानिए क्यों मनाया जाता है यह उत्सव

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // देशभर में आज 14 नवंबर को बड़े उत्साह और उल्लास के साथ बाल दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है, जिन्हें बच्चों से गहरा प्रेम था। उनके स्नेह और बच्चों के प्रति समर्पण के कारण ही उन्हें देशभर में ‘चाचा नेहरू’ के नाम से जाना जाता है।

14 नवंबर की खासियत
1964 में पंडित नेहरू के निधन के बाद उनके योगदान और बच्चों के प्रति प्रेम को याद करते हुए 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। इस दिन का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास, सुरक्षित बचपन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है।

स्कूलों में बच्चों के लिए धूमधाम
देश के स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। खेलकूद, चित्रकला, निबंध लेखन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों की रचनात्मकता और कौशल को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही, कई स्थानों पर बच्चों को उपहार, पुरस्कार और मिठाइयां भी वितरित की जा रही हैं। यह अवसर बच्चों को सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों का महत्व भी समझाने का है, ताकि वे आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

बाल अधिकारों का संदेश
बाल दिवस हमें याद दिलाता है कि हर बच्चे को सुरक्षित, पोषण युक्त और समान अवसर वाला वातावरण मिलना चाहिए। यह दिन बच्चों के अधिकारों के प्रति समाज की जिम्मेदारी को मजबूत करता है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा और दुर्व्यवहार से संरक्षण शामिल है।

देशभर के नागरिक आज यह प्रण लें कि वे बच्चों के सपनों, उनके अधिकारों और गरिमा की रक्षा करेंगे, क्योंकि बच्चों की मुस्कान और उनका भविष्य ही भारत की असली ताकत है।

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