बिहार विधानसभा चुनाव 2025: थोड़ी ही देर में शुरू होगी मतगणना, 46 केंद्रों पर खुलेंगे 2616 उम्मीदवारों के भाग्य

विधानसभा चुनाव 2025: आज तय होगी बिहार की सत्ता, ऐतिहासिक मतदान के बाद जनता का जनादेश खुलने का इंतजार
पटना (शिखर दर्शन) // बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना आज शुरू होते ही राज्य की सत्ता का फैसला स्पष्ट होना शुरू हो जाएगा। 39 दिनों तक चले सियासी संग्राम के बाद अब जनता का निर्णय ईवीएम में कैद है। इस बार मुकाबला त्रिकोणीय रहा—नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला एनडीए, तेजस्वी यादव का महागठबंधन (इंडिया गठबंधन) और प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी, जिसने चुनावी मैदान में नई हलचल पैदा की।
ऐतिहासिक मतदान—महिलाओं ने रचा नया रिकॉर्ड
इस बार बिहार ने मतदान का नया इतिहास रच दिया। 1951 के बाद सर्वाधिक 67.14% वोटिंग हुई। महिलाओं ने एक बार फिर अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराते हुए पुरुषों से 8.82% अधिक मतदान किया। लंबे इंतज़ार और भीड़ के बावजूद महिलाओं की भारी उपस्थिति ने यह साबित किया कि बिहार में लोकतंत्र की जड़ें बेहद मजबूत हो चुकी हैं।
243 सीटें, 2616 उम्मीदवार—सुबह से शुरू होगी गिनती
राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर कुल 2616 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतगणना सुबह 8 बजे पोस्टल बैलेट से शुरू होगी, जबकि 8:30 बजे से ईवीएम की गिनती शुरू हो जाएगी। अनुमान है कि सुबह 10:30 बजे तक शुरुआती रुझान मिलना शुरू हो जाएंगे और दोपहर तक चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।
सबसे पहले और आखिरी नतीजे कहां से?
बरबीघा विधानसभा सीट से सबसे पहले रुझान आने की संभावना है, क्योंकि यहां मात्र 275 बूथ हैं। हायाघाट, गया टाउन, गौरा बौराम और कल्याणपुर सीटों से भी शुरुआती नतीजे सबसे पहले आने की उम्मीद है। वहीं, हिसुआ सीट का परिणाम सबसे आखिरी में आने की संभावना है जहां सबसे अधिक 485 बूथों की गिनती होगी।
पूरे राज्य में 46 काउंटिंग सेंटर, 19 हजार कर्मचारी तैनात
बिहार के 38 जिलों में कुल 46 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। हर विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग हॉल और 14-14 काउंटिंग टेबल निर्धारित की गई हैं। कुल 4372 टेबलों पर वोटों की गिनती होगी। इस प्रक्रिया में लगभग 19 हजार कर्मी लगे हुए हैं। हर विधानसभा में 24 से 30 राउंड में मतगणना पूरी होगी।
कंट्रोल रूम से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग
मतगणना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम से सभी केंद्रों की निरंतर निगरानी की जाएगी। यहां 65 कर्मियों की टीम 24 घंटे सक्रिय रहेगी। हर जिले से अपडेट फोन, फैक्स और ईमेल के जरिए लगातार भेजे जाएंगे। उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अशोक प्रियदर्शी ने गुरुवार को सभी कर्मियों को अंतिम प्रशिक्षण दिया, जबकि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
सुरक्षा के सख्त इंतजाम
सभी मतगणना केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। पुलिस, अर्धसैनिक बल और मजिस्ट्रेट तैनात हैं। CCTV निगरानी, पेयजल, बिजली, शौचालय और चिकित्सा जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
निर्णय का दिन—कौन बनेगा बिहार का मालिक?
लंबे चुनावी संघर्ष के बाद अब बिहार की 13 करोड़ जनता का फैसला खुलने जा रहा है। आज का दिन तय करेगा कि आगामी पांच वर्षों तक बिहार की कमान किसके हाथ में होगी, कौन-सी नीतियों को जनता की मंज़ूरी मिलेगी और कौन राज्य की सत्ता को संचालित करेगा।


