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दिल्ली कार ब्लास्ट में बड़ा खुलासा: आतंकी उमर नबी खुद को कार में उड़ाकर चिथड़े-चिथड़े हुआ, डीएनए रिपोर्ट ने खोला राज

कश्मीर का डॉक्टर निकला दिल्ली ब्लास्ट का मास्टरमाइंड, DNA रिपोर्ट से खुला सनसनीखेज सच – जैश-ए-मोहम्मद के लॉजिस्टिक मॉड्यूल से था जुड़ा

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण कार ब्लास्ट मामले में अब तक का सबसे बड़ा और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों ने पुष्टि की है कि इस हमले का मास्टरमाइंड और आत्मघाती हमलावर कश्मीर का डॉक्टर उमर नबी (Dr. Umar Nabi) ही था।

डीएनए रिपोर्ट से यह साबित हो गया है कि विस्फोटक से भरी ह्यूंडई i20 कार में मारा गया व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि आतंकी डॉक्टर उमर नबी था। धमाके में उमर के शरीर के भी चिथड़े-चिथड़े उड़ गए, और पहचान अब डीएनए टेस्ट से ही संभव हो पाई। पुलिस के मुताबिक, इस फिदायीन हमले में 12 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल हुए थे।

धमाके से 10 दिन पहले खरीदी थी कार

जांच एजेंसियों को शुरू से ही उमर पर शक था, क्योंकि धमाके में इस्तेमाल हुई सफेद हुंडई i20 कार उसने घटना से 10 दिन पहले खरीदी थी। विस्फोट के बाद कार के पास से उसके शरीर के अवशेष मिले थे, लेकिन पहचान मुश्किल थी। पुलवामा स्थित उसके परिवार से लिए गए डीएनए सैंपल ने पुष्टि कर दी कि वही हमलावर था।

फोटो: डॉक्टर उमर नबी

जैश-ए-मोहम्मद के लॉजिस्टिक मॉड्यूल से जुड़ा

एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि उमर जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक लॉजिस्टिक मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था, जो फरीदाबाद, लखनऊ और दक्षिण कश्मीर के बीच सक्रिय था। इस मॉड्यूल में 9 से 10 सदस्य शामिल थे, जिनमें 5 से 6 डॉक्टर थे। ये लोग अपनी पेशेवर पहचान का इस्तेमाल कर रासायनिक और विस्फोटक सामग्री जुटा रहे थे।

तुर्की के हैंडलर से संपर्क

सूत्रों के अनुसार, उमर तुर्की के अंकारा में बैठे अपने हैंडलर ‘UKasa’ (संभावित कोडनेम) से लगातार सेशन ऐप के जरिए संपर्क में था। माना जा रहा है कि मार्च 2022 में कुछ भारतीय युवक अंकारा गए थे, जिनमें उमर भी शामिल था। वहीं उनका ब्रेनवॉश किया गया। एनआईए इस बात की पुष्टि के लिए तुर्किये दूतावास से संपर्क में है।

परिवार को पहले से था शक

कश्मीर के पुलवामा जिले के कोईल गांव में उमर का परिवार सदमे में है। परिजनों ने बताया कि वह शांत और अंतर्मुखी था, लेकिन हाल के महीनों में उसका व्यवहार बदल गया था। वह फरीदाबाद और दिल्ली के बीच लगातार यात्रा कर रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसे रामलीला मैदान और सुनेहरी मस्जिद के आसपास कई बार देखा गया था।

सीसीटीवी फुटेज में सामने आया है कि विस्फोट से कुछ घंटे पहले उमर ने अपनी कार मस्जिद के पास पार्क की थी और फिर शाम को लाल किले की ओर रवाना हुआ, जहां उसने खुद को उड़ा लिया।

केंद्र सरकार ने माना ‘आतंकी हमला’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में केंद्र सरकार ने दिल्ली ब्लास्ट को ‘आतंकी हमला’ करार दिया। एनआईए को इसकी जांच सौंपी गई है।

यह केस ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का है, जिसमें डॉक्टर जैसे सम्मानित पेशे के लोग शामिल पाए गए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस आतंकी नेटवर्क के तार जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैले हैं, और इसके पीछे पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद की गहरी साजिश है।

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