एमपी में ठंड ने तोड़े रिकॉर्ड: 16 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, पारा शिमला-मसूरी से भी नीचे

भोपाल ( शिखर दर्शन ) // उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी का असर अब मध्य प्रदेश पर साफ दिखने लगा है। नवंबर के दूसरे ही हफ्ते में प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। सर्द हवाओं ने कई शहरों में रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विभाग ने बुधवार को भोपाल-इंदौर समेत 16 जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) एक हफ्ते पहले ही सक्रिय हो गया था, जिसके चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बर्फबारी हो रही है। उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं का असर अब मध्य प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है। इससे दिन और रात, दोनों समय तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।
प्रदेश के कई शहरों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। राजगढ़ सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 8.3 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, छतरपुर के नौगांव और उमरिया में 8.5 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 8.8 डिग्री और रीवा में 9.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं जबलपुर में सीजन की सबसे ठंडी रात रही, जहां न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री रहा। ग्वालियर में 11 और उज्जैन में 11.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।
इन जिलों में चलेगी शीतलहर
मौसम विभाग ने जिन जिलों में शीतलहर चलने की संभावना जताई है, उनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, राजगढ़, शहडोल, शाजापुर, सीहोर, सतना, सिवनी, रीवा, देवास, उमरिया, मऊगंज, मंडला, मैहर और छतरपुर शामिल हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में ठंड का असर और बढ़ सकता है। सुबह-शाम के समय धुंध और ठंडी हवाओं से राहत मिलने की फिलहाल कोई संभावना नहीं है।



