नसबंदी ऑपरेशन में दो महिलाओं की मौत पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल का हमला, कहा- भाजपा सरकार में बढ़ जाती है नकली दवाइयों की आपूर्ति

दुर्ग नसबंदी कांड: दो महिलाओं की मौत से स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
जगदलपुर (शिखर दर्शन) // हाल ही में दुर्ग जिले में नसबंदी ऑपरेशन के दौरान दो महिलाओं की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गहरी चिंता व्यक्त की है और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
भूपेश बघेल ने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में दवाइयों की गुणवत्ता को लेकर व्यापक गड़बड़ी हो रही है। उनका आरोप है कि जब भी भाजपा की सरकार आती है, नकली दवाइयों की सप्लाई बढ़ जाती है। उन्होंने याद दिलाया कि प्रदेश में पहले भी नसबंदी और गर्भाशय ऑपरेशन से संबंधित गंभीर मामले सामने आ चुके हैं और अब दुर्ग में दो महिलाओं की मौत से स्वास्थ्य व्यवस्था की साख पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की और चेतावनी दी कि यदि सरकार समय रहते कदम नहीं उठाती है, तो यह समस्या और भयावह रूप ले सकती है। उन्होंने बताया कि कई लोगों ने उन्हें कहा है कि अब वे सरकारी दवाइयों का इस्तेमाल करने से डरते हैं।
मामले की पूरी जानकारी
शनिवार, 8 नवंबर को दुर्ग जिला अस्पताल की मदर-चाइल्ड यूनिट में कुल नौ सर्जरी की गईं। इनमें पूजा यादव (27 वर्ष), बजरंग नगर निवासी, केवल नसबंदी ऑपरेशन के लिए आई थी। ऑपरेशन के दौरान अचानक उसे झटके आने लगे और शरीर में अकड़न महसूस हुई। उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
दूसरा मामला किरण यादव (30 वर्ष), सिकोला भाटा निवासी का है। किरण ने उसी दिन सुबह सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चे को जन्म दिया और उसके बाद नसबंदी की जा रही थी। इस दौरान उसे भी झटके आए और शाम तक उसने भी दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार किरण पूरी तरह स्वस्थ थी, इसलिए अचानक उसकी तबीयत बिगड़ना सभी के लिए सदमे जैसा था।
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि दोनों महिलाओं की मौत ऑपरेशन के दौरान दी गई दवा के रिएक्शन से हुई है। पूजा यादव के दो छोटे बच्चे हैं, जबकि किरण यादव का नवजात शिशु है।



