पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने 125 बैगा आदिवासियों की कराई घर वापसी, कहा – यह धर्म परिवर्तन नहीं, अपनी जड़ों की ओर लौटना है
कवर्धा ( शिखर दर्शन ) // एक ओर जहां नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पंडरिया क्षेत्र में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संदेश देते हुए विधायक भावना बोहरा ने 125 बैगा आदिवासियों को पुनः सनातन धर्म से जोड़ा। मंगलवार को पंडरिया ब्लॉक के नेउर गांव में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान 41 बैगा परिवारों के 125 सदस्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के बीच अपनी “घर वापसी” की।
इस अवसर पर विधायक भावना बोहरा ने स्वयं सभी ग्रामीणों का पांव पखारकर स्वागत किया। उन्होंने कहा — “यह केवल धर्म परिवर्तन नहीं, बल्कि अपनी जड़ों की ओर लौटने का आह्वान है।” विधायक ने धर्म विरोधी शक्तियों पर भी तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग भ्रमवश सनातन धर्म से दूर हो गए हैं, उनके लिए यह कार्यक्रम एक प्रेरणा है। उन्होंने यह भी कहा कि जो कोई भी पुनः अपने मूल धर्म में लौटना चाहता है, उनका स्वागत है।

बताया गया कि कुछ दिन पहले कुई गांव में भी 58 परिवारों की घर वापसी विधायक बोहरा के प्रयासों से कराई गई थी। नेउर गांव में हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के “सुशासन” और “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प के अनुरूप, समाज के अंतिम व्यक्ति तक सांस्कृतिक जागृति और एकता का संदेश पहुंचाना ही उनका उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि जब तक हर व्यक्ति अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़ा नहीं रहेगा, तब तक राष्ट्र सशक्त नहीं हो सकता।
कार्यक्रम का वातावरण वैदिक मंत्रों, दीप प्रज्ज्वलन और उत्साह से भरा रहा, जिसने पूरे गांव को एकता और धर्मनिष्ठा की भावना से ओतप्रोत कर दिया।
