जम्मू-कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ‘व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का भंडाफोड़, आतंकी साजिश में शामिल महिला डॉक्टर समेत 8 गिरफ्तार

कार से बरामद हुई राइफल और जिंदा कारतूस
फरीदाबाद/श्रीनगर (शिखर दर्शन) //
विशेष संवाददाता की रिपोर्ट:
फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश में बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए पुलिस ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में कुल 2,900 किलोग्राम IED बनाने वाली सामग्री (विस्फोटक, रासायनिक पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और टाइमर) जब्त की गई है। गिरफ्तारियां श्रीनगर, अनंतनाग, गांदरबल, शोपियां (जम्मू-कश्मीर), फरीदाबाद (हरियाणा), सहारनपुर और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में हुई हैं।
इस मॉड्यूल में शामिल पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े आतंकी थे। यह ‘व्हाइट-कॉलर टेरर इकोसिस्टम’ था, जिसमें डॉक्टर, छात्र और अन्य पेशेवर शामिल थे। पुलिस के अनुसार ये लोग विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में थे और रेडिकलाइजेशन, फंड कलेक्शन व IED निर्माण में सक्रिय थे। इनका लक्ष्य दिल्ली-NCR, अहमदाबाद के बाजार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर बड़े हमले करना था।
जम्मू-कश्मीर में 19-27 अक्टूबर के बीच श्रीनगर के नौगाम इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर्स चिपके पाए गए थे। सुरक्षा बलों को धमकी देने वाले इस मॉड्यूल के सदस्य डॉ. आदिल को 6 नवंबर को UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपने साथियों के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद लगातार छापेमारी कर अन्य सदस्यों को पकड़ा गया।
फरीदाबाद में डॉ. मुजम्मिल शकील के किराए के फ्लैट से 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट, AK-47 राइफल, 84 कारतूस और IED के अन्य उपकरण बरामद हुए। इसी महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद की कार से राइफल और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। शाहीन शाहिद लखनऊ लाल बाग की रहने वाली है और अब इस महिला को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि यह गिरफ्तारी और बरामदगी 15 दिनों के संयुक्त ऑपरेशन का नतीजा है। पूछताछ के दौरान लगातार नए लिंक उजागर हो रहे हैं, और पुलिस का दावा है कि इससे बड़े हमलों को रोकने में सफलता मिली है।


