अमित बघेल की गिरफ्तारी के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस की दबिश, पीछे के रास्ते से भागे जोहार पार्टी अध्यक्ष

रायपुर (शिखर दर्शन) // महापुरुषों के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में पुलिस ने रविवार को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल के घर दबिश दी. रायपुर पुलिस की टीम उनके घर पहुंची, लेकिन बताया जा रहा है कि अमित बघेल पीछे के रास्ते से दीवार फांदकर फरार हो गए. पुलिस ने उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला. फिलहाल पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं.
सूत्रों के अनुसार, रायपुर के सिविल लाइन थाने में छत्तीसगढ़ महतारी को लेकर सोशल मीडिया पर दिए गए विवादित बयान और पोस्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. वहीं रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने जनता से शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है.
एसएसपी ने कहा — पुलिस कर रही है कानूनी कार्रवाई, जल्द होगी गिरफ्तारी
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि थाना कोतवाली और थाना देवेंद्रनगर में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अमित बघेल और अन्य के विरुद्ध अपराध दर्ज है. पुलिस अपने कानूनी दायित्वों का पालन करते हुए शीघ्र गिरफ्तारी की कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा — “सर्व समाज के लोग एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने से बचें और सामाजिक सौहार्द्र को बनाए रखें. पुलिस पर भरोसा रखें.”
क्या है पूरा मामला?
26 अक्टूबर को रायपुर के वीआईपी चौक स्थित राम मंदिर के पास छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति टूटी हुई पाई गई थी. इस घटना के बाद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और इसे “छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर हमला” बताया. इसी दौरान अमित बघेल ने कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिनमें उन्होंने महाराजा अग्रसेन, डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय सहित अन्य महापुरुषों का नाम लिया.
इन टिप्पणियों को लेकर विरोध तेज हो गया और राज्यभर में तनाव की स्थिति बनी. पुलिस ने प्रतिमा तोड़ने के आरोपी मनोज कुर्रे को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया. बताया गया कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है.
चार राज्यों में दर्ज हुई एफआईआर
अमित बघेल के बयानों को लेकर अब विवाद छत्तीसगढ़ की सीमाओं से बाहर जा चुका है. जानकारी के अनुसार, देश के चार से अधिक राज्यों में उनके खिलाफ अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. सोशल मीडिया पर भी उनके बयान की व्यापक आलोचना हो रही है.
फिलहाल रायपुर पुलिस की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, संयम बनाए रखें और सामाजिक सद्भाव कायम रखें.



