बिलासपुर रेल हादसा: कमिश्नर ऑफ सेफ्टी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शुरू की गहन जांच, तीन दिन में सौंपेंगे रेलवे बोर्ड को रिपोर्ट

बिलासपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में लाल खदान स्टेशन के पास मंगलवार को हुए भीषण रेल हादसे ने हाहाकार मचा दिया। गेवरारोड-बिलासपुर मेमू लोकल ट्रेन और मालगाड़ी की टक्कर में अब तक 11 यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

रेलवे ने शुरू की गहन जांच
दक्षिण पूर्वी रेलवे सर्किल के कमिश्नर ऑफ़ सेफ्टी बीके मिश्रा ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और तीन दिन तक बिलासपुर में रहकर ट्रैक, ट्रेन और दुर्घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करेंगे। स्टेशन मास्टर, प्वाइंट्स मैन, की मैन, गार्ड शैलेश चंद्र, सेक्शन इंजीनियर, सिग्नल और इंजीनियरिंग समेत सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच पूरी होने के बाद बीके मिश्रा अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपेंगे।
प्राथमिक तौर पर ट्रेन क्रू मेंबर को माना जा रहा जिम्मेदार
सुपरवाइजरी जांच रिपोर्ट में हादसे के लिए प्राथमिक तौर पर ट्रेन क्रू मेंबर को जिम्मेदार माना जा रहा है। रेलवे के चीफ कमिश्नर ऑफ सेफ्टी इंस्पेक्टर (CRS) बीके मिश्रा अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को तीन दिनों मे सौंपेंगे। (CRS) टीम ने घटना स्थल का मुआयना किया और अस्पताल में घायलों से मुलाकात की।
पुलिस ने FIR दर्ज की
तोरवा पुलिस ने रेलवे से मिले मेमो के आधार पर अज्ञात के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में FIR दर्ज की है। इसमें धारा 106(1), 125(ए), 153, 154, 175 और रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

मृतकों की पहचान और परिजनों में मातम
हादसे में अब तक पांच मृतकों की पहचान हुई है। इनमें लोको पायलट विद्या सागर, प्रमिला वस्त्रकार, अंकित अग्रवाल, प्रिया चंद्रा और शीला यादव शामिल हैं। प्रिया चंद्रा गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय की बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा थीं, जबकि शीला यादव देवरी खुर्द के बहनिया मंदिर के पास रहती थीं। उनकी मौत की खबर सुनते ही परिजनों में मातम छा गया।
घायल यात्रियों की सूची
घायलों में मथुरा भास्कर (55 वर्ष), चौरा भास्कर (50 वर्ष), शत्रुघ्न (50 वर्ष), गीता देबनाथ (30 वर्ष), मेहनिश खान (19 वर्ष), संजू विश्वकर्मा (35 वर्ष), सोनी यादव (25 वर्ष), संतोष हंसराज (60 वर्ष), रश्मि राज (34 वर्ष), ऋषि यादव (2 वर्ष), तुलाराम अग्रवाल (60 वर्ष), अराधना निषाद (16 वर्ष), मोहन शर्मा (29 वर्ष), अंजूला सिंह (49 वर्ष), शांता देवी गौतम (64 वर्ष), प्रीतम कुमार (18 वर्ष), शैलेश चंद्र (49 वर्ष), अशोक कुमार दीक्षित (54 वर्ष), नीरज देवांगन (53 वर्ष), राजेंद्र मारुति बिसारे (60 वर्ष) शामिल हैं।
मुआवजे की घोषणा
रेलवे ने मृतकों के परिवार को 10 लाख, गंभीर घायलों को 5 लाख और सामान्य घायलों को 1 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी मृतकों के परिजनों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।



