मध्यप्रदेश

कोयला खदान उगल रही मौत: बारूद वाला दूषित पानी पीने से 5 गायों की तड़प-तड़प कर हुई मौत , SECL प्रबंधन पर लीपापोती के आरोप

रामपुर बटुरा खदान से बारूद युक्त पानी ने फिर ली पांच गायों की जान, SECL की लापरवाही पर उठे सवाल

शहडोल / ( शिखर दर्शन ) // अमलाई थाना क्षेत्र के रामपुर बटुरा ओसीएम कोयला खदान से निकला बारूद युक्त दूषित पानी अब स्थानीय गौवंश के लिए जानलेवा बन गया है। हाल ही में हुई इस घटना में मवेशी मालिक सम्हारू बैगा की दो गाय, गौपालक ननून्हा बैगा की दो गाय और एक बैल की मौत हो गई।

स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खदान से छोड़ा गया यह जहरीला पानी गोपला नाला के माध्यम से लगभग 500 मीटर तक जाता है और कटना नाला में मिलकर आगे चलकर सोन नदी में प्रवेश कर जाता है। इससे न केवल पशुओं बल्कि पूरे क्षेत्र का जल स्रोत गंभीर रूप से प्रदूषित हो रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। कुछ महीने पहले भी इसी तरह बारूद युक्त पानी पीने से छह गायों की मौत हुई थी, लेकिन उस समय भी SECL प्रबंधन ने मामले को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। स्थानीय लोग खदान में कोयला उत्पादन के दौरान ब्लास्टिंग में उपयोग किए जाने वाले बारूद के रासायनिक अवशेषों को मुख्य कारण बता रहे हैं, जो नालों में बहकर मवेशियों और प्रकृति के लिए खतरा बन रहे हैं।

स्थानीय लोग जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि “हमारी गायें हमारे परिवार का हिस्सा हैं, लेकिन खदान का ज़हर धीरे-धीरे सबको मार रहा है।”

अमलाई थाना प्रभारी जे पी शर्मा ने बताया कि रामपुर में मवेशियों की मौत की शिकायत मिली है और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों की मांग है कि SECL प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जाए।

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