अब बिहार की बारी! राहुल गांधी ने ‘हाइड्रोजन बम’ फोड़ते हुए लगाया बड़ा आरोप — हरियाणा में 25 लाख वोट चोरी का दावा, कहा- “बिहार में भी होगी पोल खुलासा”

नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में करीब 25 लाख वोटों की चोरी हुई है और इसे उन्होंने एक ‘हाइड्रोजन बम’ करार दिया। राहुल ने कहा कि यह सिर्फ हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार में भी इसी तरह की गड़बड़ियां हुई हैं, जिनका खुलासा जल्द किया जाएगा।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हरियाणा में मतदाता सूची में नकली नाम जोड़े गए और वोटिंग प्रक्रिया में व्यापक धांधली की गई। उन्होंने कहा कि “जैसा हरियाणा में हुआ, वैसा ही बिहार में भी होने जा रहा है।” राहुल ने मंच पर बिहार के 5 मतदाताओं को बुलाकर दावा किया कि उनके और उनके पूरे परिवार के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
राहुल गांधी के प्रमुख आरोप
- हरियाणा में कुल मतदाता लगभग 2 करोड़ हैं, जिनमें से करीब 12.5 प्रतिशत यानी 25 लाख वोट नकली या दोहरे हैं।
- उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक ब्राजीलियन मॉडल की फोटो का उपयोग कर हरियाणा में 10 बूथों पर 22 बार मतदान कराया गया।
- राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग (ECI) और भाजपा (BJP) के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया, जिससे कांग्रेस को नुकसान हुआ।
- साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि निर्वाचन आयोग ने इन गड़बड़ियों पर कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की।
बिहार चुनाव को लेकर ‘हाइड्रोजन बम’ का इशारा
राहुल गांधी ने कहा कि “हरियाणा में जो ‘हाइड्रोजन बम’ छोड़ा गया, उसका अगला निशाना बिहार है।” उन्होंने दावा किया कि बिहार में भी मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं, जिनका पर्दाफाश जल्द किया जाएगा।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय में हुई है जब बिहार विधानसभा चुनाव का माहौल बनने लगा है। राहुल गांधी के इस बयान से राजनीतिक हलकों में नई हलचल मच गई है।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी गर्मी
राहुल गांधी के आरोपों ने हरियाणा चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और साथ ही बिहार में भी चुनावी बहस को नया मोड़ दे दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी द्वारा किए गए इस ‘हाइड्रोजन बम’ जैसे दावे पर चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ दल क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या इन आरोपों के ठोस साक्ष्य सामने आ पाते हैं या नहीं।



