रायपुर संभाग

प्रधानमंत्री मोदी ने नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ की नई विधानसभा भवन का किया उद्घाटन

रायपुर (शिखर दर्शन) // प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन का उद्घाटन किया और भवन के सामने स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। 273.11 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार यह भवन राज्य की आधुनिक आवश्यकताओं और भविष्य की विस्तार योजनाओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। उद्घाटन समारोह में राज्यपाल रमेन डेका, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री विजय शर्मा समेत कई अन्य मंत्री और विधायक उपस्थित रहे।

भव्य और इको-फ्रेंडली डिजाइन
नवा रायपुर के सेक्टर-19 में स्थित यह भव्य विधानसभा भवन लगभग 20.78 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और इसकी वास्तुकला देश के राष्ट्रपति भवन से प्रेरित है। भवन में पारंपरिक महलों की झलक और आधुनिक सुविधाओं का संगम देखने को मिलता है।

तीन मुख्य ब्लॉकों में विभाजित भवन

  • ब्लॉक A: विधानसभा सचिवालय के रूप में कार्य करेगा।
  • ब्लॉक B: मुख्य भवन, जिसमें सदन की कार्यवाही, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष, मीटिंग हॉल, सेंट्रल हॉल और मीडिया लाउंज जैसी सुविधाएं हैं।
  • ब्लॉक C: विधायकों और मंत्रियों के चेंबर के साथ अस्पताल, बैंक, पोस्ट ऑफिस और रेलवे आरक्षण केंद्र जैसी सार्वजनिक सुविधाएं।

आधुनिक सुविधाएं और तकनीक
भवन में महिला, पुरुष, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर के लिए अलग-अलग टॉयलेट, एलोपैथी, होम्योपैथी और आयुर्वेदिक अस्पताल, 200 लोगों की क्षमता वाला सेंट्रल हॉल, 500 लोगों के लिए भव्य ऑडिटोरियम और हाईटेक लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विशेषताएं
कॉरिडोर में बस्तर और सरगुजा की पारंपरिक कला का इस्तेमाल किया गया है, साथ ही परिसर में म्यूजियम और आर्ट गैलरी विकसित की जा रही है। गार्डन और हरियाली के साथ जल और ऊर्जा संरक्षण की आधुनिक तकनीक लागू की गई है, जिससे यह भवन पूरी तरह इको-फ्रेंडली बन रहा है।

नए भवन की आवश्यकता और राजनीतिक इतिहास
पुराना विधानसभा भवन नवा रायपुर से 25 किलोमीटर दूर था और उसमें 90 विधायकों के बैठने की सुविधा थी। नए भवन में 120 विधायकों के बैठने की व्यवस्था की गई है, ताकि भविष्य में सीटों की संख्या बढ़ने पर कोई दिक्कत न आए। राज्य स्थापना के बाद पहला विधानसभा सत्र 14 दिसंबर 2000 को अस्थायी टेंट में आयोजित किया गया था।

भूमिपूजन और निर्माण का सफर
28 अगस्त 2020 को कांग्रेस सरकार के दौरान इस भवन की नींव रखी गई थी। 2023 में बीजेपी सरकार बनने के बाद इसके निर्माण की समीक्षा की गई और अब यह पूरी तरह तैयार हो गया है।


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