प्रधान मंत्री मोदी ने ब्रह्माकुमारी संस्थान के शांति शिखर भवन का उद्घाटन किया

रायपुर (शिखर दर्शन) // प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर रायपुर पहुंचे और नवा रायपुर के सेक्टर-20 में ब्रह्माकुमारी संस्थान के नवनिर्मित शांति शिखर रिट्रीट सेंटर ‘एकेडमी फॉर ए पीसफुल वर्ल्ड’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री मोदी आज एक दिवसीय रायपुर दौरे पर हैं। इस दौरान वे छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन करेंगे और सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास करेंगे।
सात साल की मेहनत का नतीजा – शांति शिखर
शांति शिखर का निर्माण लगभग सात साल में पूर्ण हुआ है। इस भवन की नींव 15 जनवरी 2018 को तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशिका राजयोगिनी बीके कमला के मार्गदर्शन में रखी गई थी। वर्ष 2022 में उनके देवलोकगमन से पहले लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका था। जमीन की ठोसता न होने के कारण काफी गहराई तक मिट्टी निकाली गई और स्लैब तैयार कर भवन के सभी कॉलम खड़े किए गए। जोधपुर के कारीगरों ने इस भवन को राजस्थानी शैली में तैयार किया, जिसके लिए 150 से अधिक ट्रकों में पिंक स्टोन मंगाए गए।
भवन की तकनीकी विशेषताएं और अनूठा निर्माण
शांति शिखर ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा विश्व में पिंक स्टोन से बनाई गई पहली इमारत है। इसके अलावा यह छत्तीसगढ़ में प्रेस टेंसाइल बीम तकनीक से तैयार की गई पहली इमारत भी है। आमतौर पर इस तकनीक से बड़े-बड़े पुल बनाए जाते हैं। भवन की लंबाई 225 फीट, चौड़ाई 150 फीट और ऊंचाई 105 फीट है। इसमें अभी दो मंजिल और बनाई जा सकती हैं। भवन देखने में राजस्थानी शैली के महल का अहसास देता है और यह हाईटेक सुविधाओं से लैस है।

सुविधाएँ और क्षमता
भवन में 2000 लोगों की क्षमता वाला एसी ऑडिटोरियम एलईडी स्क्रीन के साथ है। इसके अलावा दो सेमिनार हॉल में 400 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। 100 लोगों के लिए विशाल मेडिटेशन हॉल, 25 लोगों की लाइब्रेरी, 100 अतिथियों के लिए ठहरने के कमरे, 300 लोगों के लिए भोजनालय और 200 लोगों के लिए वीडियो थिएटर जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
शांति शिखर में आयोजित होंगे विविध कार्यक्रम
भवन में राजयोग मेडिटेशन और आध्यात्मिक ज्ञान की नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी। इसके अलावा स्ट्रैस मैनेजमेंट के लिए प्रबंधन कौशल शिविर, बच्चों, युवाओं और महिलाओं के लिए सशक्तिकरण कार्यक्रम, सभी समाजों और ग्रामीणों के लिए आध्यात्मिक कार्यक्रम और मूल्यनिष्ठ शिक्षा परियोजना के तहत आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे। पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण, मृदा एवं जल संरक्षण, प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम भी होंगे। इसके अलावा हृदय रोग, डायबिटीज और नशामुक्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलेंगे।
दान और सहयोग से बना शांति शिखर
भवन के निर्माण में ब्रह्माकुमारी संस्थान से जुड़े लगभग 11,000 सदस्यों ने रोजाना न्यूनतम एक रुपये का योगदान दिया। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में लोगों ने निर्माण सामग्री का दान भी किया। सभी सहयोग और संकल्पों के कारण ही आज शांति शिखर बनकर तैयार हुआ है।
रायपुर में ब्रह्माकुमारी संस्थान का विस्तार
रायपुर क्षेत्र में ब्रह्माकुमारी संस्थान के तहत 50 सेवाकेंद्र और 500 उपसेवाकेंद्र संचालित हैं। शांति शिखर का निर्माण सभी केंद्रों में लगे दान-कोष (भंडारी) और सदस्यों के सहयोग से संभव हो सका। संस्थान का लक्ष्य है कि यह रिट्रीट सेंटर हजारों लोगों के जीवन में शांति और आध्यात्मिक समृद्धि का केंद्र बने।



