नया रायपुर में दर्दनाक हादसा: ब्लू वाटर में नहाने गए दो स्कूली छात्रों की डूबकर मौत, तीन साल में यहां 35 से अधिक लोगों की जान जा चुकी

रायपुर (शिखर दर्शन) // नया रायपुर के ब्लू वाटर में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। घूमने पहुंचे दो स्कूली छात्र नहाने के दौरान गहरे पानी में डूब गए। घटना दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। यह मामला माना थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार, डूबे छात्रों की पहचान जयेश साहू और मृदुल वंजारिया के रूप में हुई है। दोनों कक्षा 10वीं के छात्र थे और छत्तीसगढ़ स्कूल, टाटीबंध में पढ़ाई करते थे। शुक्रवार को स्कूल बंद होने के कारण सात से आठ दोस्तों का एक ग्रुप नया रायपुर घूमने पहुंचा था। सभी ब्लू वाटर के पास पहुंचे और नहाने लगे। इस दौरान जयेश और मृदुल गहरे पानी में चले गए और डूब गए।
साथियों ने जब उन्हें पानी में संघर्ष करते देखा तो शोर मचाकर मदद मांगी और तत्काल पुलिस को सूचना दी। कुछ स्थानीय लोगों ने दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई के कारण उन्हें नहीं बचाया जा सका। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस ने दोनों छात्रों की पहचान की पुष्टि करते हुए परिजनों को सूचना दे दी है।

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब बच्चों को पानी में उतरने से रोका गया था, तब उन्होंने कहा कि उन्हें तैरना आता है। बताया गया कि दो में से एक छात्र को तैरना नहीं आता था, जो डूबने लगा, उसे बचाने की कोशिश में दोनों की जान चली गई।
तीन वर्षों में 13 से अधिक और अब तक 35 से ज्यादा मौतें
नकटी गांव के पूर्व पंच मुकेश पाल ने बताया कि ब्लू वाटर में पिछले तीन वर्षों में करीब 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से कई शव उन्होंने खुद निकाले हैं। यहां सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है, केवल एक चेतावनी बोर्ड टांगा गया है। ब्लू वाटर की गहराई करीब 300 फीट से अधिक बताई जाती है। वहीं स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अब तक 35 से ज्यादा लोगों की जान यहां जा चुकी है, साथ ही कई पशु भी डूबकर मर चुके हैं। पंचायत द्वारा कई बार प्रशासन को प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ब्लू वाटर के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों।



