रायपुर संभाग

चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ ने मचाई तबाही: 110 किमी की रफ्तार से टकराया काकीनाडा तट, तीन की मौत, हजारों लोग राहत शिविरों में पहुँचे

रायपुर (शिखर दर्शन) //
बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ मंगलवार रात आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट से टकराया। लैंडफॉल के दौरान हवाओं की रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। यह प्रक्रिया करीब 3 से 4 घंटे तक चली, जिसमें 90-100 किमी/घंटा की तेज हवाएं और भारी बारिश होती रही। तूफान की चपेट में आने से अब तक 3 लोगों की मौत और कई घायल होने की खबर है।

काकीनाडा से गंजम तक विनाश का सिलसिला

आईएमडी के मुताबिक, गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ का लैंडफॉल काकीनाडा के पास हुआ और बुधवार सुबह तक यह ओडिशा के गंजम जिले के गोपालपुर बीच तक पहुंच गया। गंजम के समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और हवाओं की गति 80 से 100 किमी/घंटा के बीच बनी हुई है। ओडिशा के 8 दक्षिणी जिलों — गंजम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, कंधमाल, कालाहांडी और नबरंगपुर में तूफान का असर सबसे ज्यादा है। राज्य सरकार ने इन जिलों से 11 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जबकि 30 हजार लोगों को निकालने की तैयारी चल रही है। राहत और बचाव के लिए ODRF की 30 और NDRF की 5 टीमें तैनात हैं।

आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, फसलों को नुकसान

आंध्र प्रदेश में चक्रवात ‘मोन्था’ से भारी तबाही मची है। 43,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें नष्ट हो गई हैं, जिससे 83,000 से ज्यादा किसान प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुल क्षतिग्रस्त क्षेत्र का 80% हिस्सा धान और कपास की फसल का है। लगभग 31,267 हेक्टेयर धान और 15,680 हेक्टेयर कपास की फसल बारिश और बाढ़ में डूब गई।

बिजली व्यवस्था ठप, सड़कें और संपत्तियाँ क्षतिग्रस्त

मछलीपट्टनम में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभे गिर गए और तार टूट गए, जिससे शहर अंधेरे में डूब गया। काकीनाडा और उप्पदा के बीच 8 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि पोडाम्पेटा गांव में समुद्र की ऊंची लहरों से कई घरों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।

हाई अलर्ट पर प्रशासन, पीएम ने की सीएम नायडू से बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। सीएम ने अधिकारियों को जान-माल की सुरक्षा और क्षति को कम करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार ने सात तटीय जिलों में वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई थी। 800 से अधिक राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं और आपातकालीन स्थिति के लिए 1,000 बिजली मिस्त्री और 140 तैराकों को नावों सहित तैनात किया गया है।

अन्य राज्यों में भी असर, उड़ानें रद्द

चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ का असर ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक दिखाई दे रहा है।

  • फ्लाइटें रद्द: तूफान के कारण 32 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
  • बारिश की चेतावनी: आईएमडी ने कहा है कि 31 अक्टूबर तक पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक और राजस्थान में बारिश जारी रह सकती है।
  • राजस्थान में बारिश: बंगाल की खाड़ी से आए चक्रवात के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई।
  • तमिलनाडु और केरल में प्रभाव: थूथुकुडी समेत कई जिलों में गरज और बिजली के साथ बारिश हो रही है।

राहत शिविरों में हजारों लोग

राज्य सरकार ने अब तक 219 राहत शिविर तैयार किए हैं। करीब 76,000 लोगों को सुरक्षित शिविरों में पहुंचाया गया है। राहत और पुनर्वास कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।


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