राज्य स्थापना दिवस पर सभी जिला मुख्यालयों में होगा भव्य राज्योत्सव, मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को सौंपी गई मुख्य अतिथि की जिम्मेदारी

रायपुर (शिखर दर्शन) //
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस 2025 के अवसर पर पूरे प्रदेश में उल्लास और गौरव का माहौल रहेगा। इस अवसर पर राज्य सरकार ने सभी 33 जिला मुख्यालयों में भव्य राज्योत्सव कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारी पूरी कर ली है। प्रत्येक जिले में राज्य के मंत्री, सांसद या विधायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
राज्य शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार जिलावार मुख्य अतिथियों के नाम इस प्रकार हैं —
- राजनांदगांव – विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह
- सरगुजा – कृषि मंत्री रामविचार नेताम
- बिलासपुर – केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू
- बस्तर – उप मुख्यमंत्री अरुण साव
- दुर्ग – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
- गरियाबंद – मंत्री दयालदास बघेल
- दंतेवाड़ा – मंत्री केदार कश्यप
- कोरबा – मंत्री लखन लाल देवांगन
- जशपुर – मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल
- रायगढ़ – मंत्री ओ.पी. चौधरी
- सूरजपुर – मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
- जांजगीर-चांपा – मंत्री टंकराम रामवर्मा
- बालोद – मंत्री गजेन्द्र यादव
- कोरिया – मंत्री राजेश अग्रवाल
- मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी – मंत्री गुरु खुशवंत साहेब
- बलौदाबाजार-भाटापारा – सांसद बृजमोहन अग्रवाल
- बेमेतरा – सांसद विजय बघेल
- कबीरधाम – सांसद संतोष पाण्डेय
- बलरामपुर-रामानुजगंज – सांसद चिंतामणि महाराज
- महासमुंद – सांसद रूपकुमारी चौधरी
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ – सांसद राधेश्याम राठिया
- सक्ति – सांसद कमलेश जांगड़े
- बीजापुर – सांसद महेश कश्यप
- कांकेर – सांसद भोजराज नाग
- खैरागढ़-गंडई-छुईखदान – सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह
- मुंगेली – विधायक पुन्नू लाल मोहले
- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही – विधायक धरमलाल कौशिक
- धमतरी – विधायक अजय चंद्राकर
- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – विधायक रेणुका सिंह
- कोण्डागांव – विधायक लता उसेंडी
- नारायणपुर – विधायक विक्रम उसेंडी
- सुकमा – विधायक किरण देव
राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, लोकनृत्य, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, स्थानीय उत्पादों की झांकी और विकास योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए जाएंगे। राज्योत्सव को जनभागीदारी और पारंपरिक गौरव के साथ गरिमामय रूप से मनाया जाएगा, ताकि प्रदेश की संस्कृति, विकास और एकता का संदेश पूरे छत्तीसगढ़ में प्रसारित हो सके।



