15 अक्टूबर महाकाल भस्म आरती: कार्तिक नवमी पर अलौकिक श्रृंगार में विराजमान हुए भगवान महाकालेश्वर, देखें भव्य दर्शन

विशेष संवाददाता छमू गुरु की रिपोर्ट:
उज्जैन (शिखर दर्शन) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रातः 4 बजे मंदिर के कपाट खोलते ही गर्भगृह में भस्म आरती का दिव्य आयोजन प्रारंभ हुआ। विशेष श्रृंगार और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई आरती में भगवान महाकाल का भव्य अभिषेक कर उन्हें अलौकिक आभूषणों से अलंकृत किया गया।
आरती से पूर्व पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर पंचामृत—दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस—से अभिषेक किया गया। प्रथम घंटाल बजाकर ‘हरिओम’ का जल अर्पित किया गया, इसके बाद मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के उपरांत ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म अर्पित की गई।
इसके बाद भगवान महाकाल को रजत निर्मित शेषनाग का मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और पुष्पों की मनमोहक मालाएं अर्पित की गईं। आभूषणों और सुगंधित पुष्पों से किया गया श्रृंगार दर्शनार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
सुबह संपन्न हुई भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालु नंदी महाराज के कान में मनोकामनाएं फूंककर आशीर्वाद मांगते नजर आए। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘हर हर महादेव’, ‘जय जय श्री महाकाल’, ‘हर हर शंभू’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोषों से गूंज उठा। श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत वातावरण में कार्तिक नवमी की यह भस्म आरती भक्तों के लिए दिव्य अनुभव बन गई।



